Video: युवक ने ऐसा क्या कहा कि कैमरे पर ही ट्रंप देने लगे गालियां, मिडिल फिंगर भी दिखाई
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/trump-(12)-1768361094347.jpgव्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन चुंग ने इस घटना पर सफाई देते हुए कहा कि फैक्ट्री वर्कर एक \“पागल\“ था। (फोटो सोर्स- X)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप मंगलवार को मिशिगन के डियरबॉर्न में फोर्ड के बड़े ट्रक प्लांट का दौरा कर रहे थे। इस दौरान एक फैक्ट्री वर्कर ने उनसे जोर-जोर से \“पेडोफाइल प्रोटेक्टर\“ शब्द सुनाई दिया। इसका मतलब बच्चों के साथ यौन संबंध बनाने वालों का बचाव करना होता है।
इसपर ट्रंप ने तुरंत रिएक्ट किया। उन्होंने गुस्से में कुछ आपत्तिजनक शब्द कहे और फिर अपना मिडिल फिंगर दिखा दिया। यह पूरा वाकया एक मोबाइल वीडियो में कैद हो गया। अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
व्हाइट हाउस ने बचाव में क्या कहा?
व्हाइट हाउस के कम्युनिकेशंस डायरेक्टर स्टीवन चुंग ने इस घटना पर सफाई देते हुए कहा कि फैक्ट्री वर्कर एक \“पागल\“ था। वह पूरी तरह गुस्से में चीख रहा था और गाली-गलौज कर रहा था। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ने उचित और स्पष्ट जवाब दिया।“
व्हाइट हाउस ने इस रिएक्शन को जायज ठहराया और कहा कि वर्कर को वही मिला जो वह डिजर्व करता था। ट्रंप इस समय फोर्ड के F-150 ट्रक प्लांट का दौरा कर रहे थे, जहां वे अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग और इकोनॉमी को बढ़ावा देने की बात कर रहे थे। दौरा खत्म होने के बाद वे डेट्रॉइट इकोनॉमिक क्लब में स्पीच देने वाले थे। लेकिन यह छोटी-सी घटना पूरी खबर का केंद्र बन गई।
US President Donald Trump gave the middle finger after he was heckled during a tour of a car manufacturing plant in Michigan.
It\“s been reported the heckler called President Trump a “pedophile protector”. #donaldtrump #unitedstates pic.twitter.com/nF0ISFYNmJ— The Advertiser (@theTiser) January 14, 2026
\“पेडोफाइल प्रोटेक्टर\“ का तंज क्यों?
यह तंज सीधे जेफरी एपस्टीन मामले से जुड़ा हुआ है। एपस्टीन एक कुख्यात सेक्स ऑफेंडर था, जिस पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी का आरोप था। वह 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में मर गया था। ट्रंप और एपस्टीन पुराने जानकार थे, हालांकि ट्रंप ने बाद में दूरी बना ली थी।
ट्रंप की दूसरी टर्म में एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स रिलीज करने की मांग तेज हो गई है। कांग्रेस ने बिपार्टिसन कानून पास किया था, जिसके तहत जस्टिस डिपार्टमेंट को 19 दिसंबर 2025 तक सारी फाइल्स जारी करनी थीं। ट्रंप ने इस बिल पर साइन किया था, लेकिन अब डिपार्टमेंट ने डेडलाइन मिस कर दी है। अभी तक सिर्फ 1% से भी कम डॉक्यूमेंट्स रिलीज हुए हैं और दो मिलियन से ज्यादा फाइल्स की रिव्यू चल रही है।
जस्टिस डिपार्टमेंट का कहना है कि वे पीड़ितों की पहचान छिपाने के लिए हर डॉक्यूमेंट की सावधानी से जांच कर रहे हैं। कई लाख डॉक्यूमेंट्स अभी भी रिव्यू में हैं, और रिलीज रोलिंग बेसिस पर हो रही है। लेकिन विपक्षी और कुछ रिपब्लिकन लॉमेकर्स इसे कानून तोड़ने वाला कदम बता रहे हैं। ट्रंप पर आरोप लग रहे हैं कि वे जानबूझकर देरी करवा रहे हैं।
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