मकर संक्रांति पर्व पर खुले Aadi Badrinath धाम के कपाट, यहां भगवान नारायण विराजमान हैं अभय मुद्रा में
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/adi-badri-temple-kapat-open-1768362283291.jpgआदि बदरीनाथ मंदिर के कपाट मकर संक्रांति पर खुले। इस दौरान मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है। फोटो नरेश
संवाद सहयोगी, जागरण, कर्णप्रयाग (चमोली)। सप्त बदरी में प्रथम आदि बदरीनाथ धाम (Aadi Badrinath) के कपाट मकर संक्रांति पर्व पर बुधवार सुबह 5:30 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इसी के साथ मंदिर में सात-दिवसीय महाभिषेक समारोह भी शुरू हो गया।
परंपरा के अनुसार आदि बदरी मंदिर समूह के कपाट एक माह के लिए पौष में बंद रहते हैं और कपाट खुलने के मौके पर भक्तगण भगवान नारायण के अभय मुद्रा में शृंगार दर्शन करते हैं।
मंदिर के पुजारी चक्रधर थपलियाल ने बताया कि चमोली जिले में कर्णप्रयाग-गैरसैंण हाईवे पर स्थित आदि बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तैयारियां पूरी कर ली गई थी। मंदिर की गेंदे के दो क्विंटल फूलों से भव्य सजावट की गई है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद बहुगुणा ने बताया कि बुधवार को मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही सात गढ़वाल मंडल कीर्तन मंडप में श्रीमद्भागवत सप्ताह का भी शुभारंभ हो गया।
सुबह 11 बजे गढ़वाल स्काउट बैंड की मधुर धुन के बीच जिला पंचायत चमोली के अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट महाभिषेक समारोह का उद्घाटन करेंगे।
उन्होंने बताया कि समारोह के प्रथम दिन क्षेत्र के महिला मंगल दलों की ओर से धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएंगी।
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