इस शर्त के साथ इन्फेंट्री फोर्स में हो सकती है महिलाओं की भर्ती, आर्मी चीफ ने और क्या कहा?
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/Upendra-Dwivedi-(1)-1768362278992.jpgआर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी। फाइल फोटो
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सरहद के कई मोर्चों पर देश की रक्षा सुनिश्चित करने वाली थल सेना में बड़ा बदलाव हो सकता है। सेना की पैदल टुकड़ी (Infantry) में महिलाओं को एंट्री नहीं मिलती थी, लेकिन अब महिलाओं के लिए ये दरवाजे भी खुल सकते हैं। आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी के अनुसार, अगर सामाज इसे स्वीकार करेगा तो सेना भी इसपर विचार कर सकती है।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कहना है कि सेना का ध्यान लैंगित समानता पर है। उन्होंने कहा, “अगर मानक और क्षमताएं एक जैसी हों, साथ ही भारत में समाज इसे मंजूरी दे, तो आने वाले कुछ समय में ये मुमकिन हो सकता है।“
आर्मी चीफ ने क्या कहा?
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आगे कहा कि समानता होना जरूरी है, लेकिन कई बार मेडिकल और ऑपरेशनल चुनौतियों के कारण इसे लागू करना मुश्किल है। महिलाओं की परफॉर्मेंस के आधार पर तय किया जाएगा कि कितनी संख्या में महिलाओं की नियुक्ति की जाएगी।
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सेना में महिलाओं की भर्ती
सेना में महिलाओं की संख्या पर बात करते हुए आर्मी चीफ ने कहा, “NDA के तहत हमारे पास 60 आर्मी कैडेट हैं, हर साल हम 20 कैडटों में भर्ती करने का लक्ष्य रखते हैं। वहीं, चेन्नई और गया में हम अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (OTA) में हर साल 120 कैडेटों पर भर्ती करते हैं।“
सेना में 8000 महिला अधिकारी
आर्मी चीफ ने बताया कि 2032 तक ओआरएस में महिलाओं की भर्ती में 12 फीसदी की बढ़ोत्तरी का लक्ष्य रखा गया है। अभी महिला अधिकारियों की कुल संख्या 8000 है। ऐसे में अगर ओआरएस में महिलाओं की भर्ती होती है, तो 110 पदों पर भर्तियां की जा सकती हैं।
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