यूपी में यूरिया के साथ अन्य उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध, जबरन बिक्री करने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/khad-1768363298151.jpgराज्य ब्यूरो, लखनऊ। खाद के साथ अन्य उत्पादों, गैर अनुदानित उर्वरकों और सूक्ष्म पोषक तत्वों की जबरन बिक्री (टैगिंग) को कृषि विभाग ने पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। यूरिया आपूर्ति करने वाली कंपनियाें द्वारा अपने डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स के माध्यम से किसानों को यूरिया के साथ अन्य महंगे और गैर-जरूरी उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य करने की शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है।
एक जनवरी से यह प्रतिबंध लागू किया गया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश का कोई भी किसान अब केवल अपनी आवश्यकतानुसार अनुदानित उर्वरक ही खरीदेगा और उस पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त उत्पाद थोपा नहीं जाएगा।
वर्तमान रबी रीजन में उवर्रकों की कालाबाजारी के साथ उत्पादों की टैगिंग की बड़ी संख्या में शिकायतें आ रही हैं। इसको लेकर शासन स्तर पर सात बार उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों, होलसेलरों और रिटेलरों के साथ बैठकें कर टैगिंग न करने के निर्देश दिए गए, परंतु शिकायतों अब भी आ रही है, जिसके बाद यह कड़ा निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में यूरिया आपूर्ति करने वाली समस्त संस्थाओं को केवल अनुदानित उर्वरक की आपूर्ति एवं बिक्री की ही अनुमति होगी।
कंपनियों के उर्वरक विक्रय प्राधिकार-पत्र (लाइसेंस) में अंकित समस्त गैर-अनुदानित उत्पादों की आपूर्ति एवं बिक्री को एक जनवरी प्रदेश में पूरी प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब कोई भी कंपनी यूरिया की आड़ में अपने अन्य व्यवसायिक उत्पादों को प्रदेश की सीमा के भीतर नहीं बेच सकेगी।
कृषि विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यदि कोई कंपनी आदेश का उल्लंघन करती है या यूरिया के साथ टैगिंग करती है तो उसके विरुद्ध उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Pages:
[1]