LHC0088 Publish time 2 hour(s) ago

हिसार स्टेशन पर पिता से बिछड़े किशोर के साथ क्रूरता: काम के नाम पर दी यातनाएं, हाथ कटने के बाद भगाया

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/Torchered-1768365304137.jpg

किशनगंज के युवा को दी यातनाएं। सांकेतिक फोटो



जागरण संवाददाता, किशनगंज। किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत एक गांव में बने फूस के घर में बैठे करीब 16 वर्षीय किशोर को अब भी यातना की टीस अब भी सताती है। करीब तीन साल पहले उसके साथ हुए हादसे को मन में समेटे हुए चुपचाप बरामदे या दरवाजे पर बैठकर सोचता रहता है।

बातचीत करने पर अपनी दर्द और उसको दी गई यातना को बयां कर रोने लगता है। हालांकि अंदर से पूरी तरह टूट चुके किशोर को माता-पिता हौसला बढ़ाने की कोशिश करते रहते हैं।
स्टेशन में छूट गया था पिता साथ

किशोर पढ़ा-लिखा नहीं है। पिता जब मजदूरी करने हरियाणा जा रहे थे तो उसे अपने साथ ले लिया। ट्रेन से जाने के दौरान बहादुरगढ़ स्टेशन पर पानी लेने उनका पुत्र उतरा था। इसी दौरान ट्रेन खुल गई और उनका पुत्र वहीं छूट गया था।

बेटे के बारे में कुछ पता नहीं चला। इसी बीच पुलिस के माध्यम से गांव तक सूचना आई कि उनका बेटा अस्पताल में भर्ती है। जिसके बाद किशोर को यहां लाकर समुचित इलाज कराया गया।
काम दिलवाने के नाम पर किया उत्पीड़न

किशोर ने उस दिन की घटना को याद करते हुए बताया कि पिता से बिछड़ने के बाद वह स्टेशन से बाहर घूम रहे थे। इसी दौरान एक युवक उनसे मिला और कहा कि काम दिलवा देंगे। उसे भी लगा कि कुछ पैसे हो जाएंगे तो वह अपने घर लौट जाएगा।

जिसके बाद युवक उन्हें अपने साथ हिसार ले गया। जहां उससे घरेलू कार्य कराना शुरू किया गया। खाने को भी नहीं दिया जाता था। काम नहीं करने पर मारपीट की जाती थी। तरह-तरह की यातना दी जाती थी।

किशोर ने बताया कि मशीन से कभी भी घास नहीं काटे थे, लेकिन जबरन उनसे यह कार्य कराया जाता था। एक दिन घास काटने के दौरान ही मशीन से उनका बायां हाथ कट गया।

खून से लथपथ देखकर, जिसके घर वो काम करते थे, उन्होंने कपड़ा बांधकर बाहर निकाल दिया और कहा कि इधर लौटकर देखना भी नहीं। वरना जान से हाथ धो बैठोगे।
शिक्षक की मदद से हुआ रेस्क्यू

इसके बाद वो एक स्कूल के समीप पहुंचा, तो एक शिक्षक ने उन्हें थाना पहुंचाया। जहां से अस्पताल में इलाज कराया गया। थाना में उनकी द्वारा पूरी जानकारी पुलिस को दी गई। थाना पुलिस ने ही घर का पता लेकर यहां सूचना दी। जिसके बाद अपने स्वजनों से मिल सके।

किशोर ने बताया कि अब किसी अंजान चेहरे को देखकर डर लगता है। दो माह की यातना की याद आती है तो मन बैचेन हो जाता है। स्वजनों ने बताया कि इसके हौसले को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। ताकि गुमशुम नहीं रहे और जिंदगी को आगे बेहतर तरीके से जी सके।


पीड़ित बालक के स्वजन को 25 हजार की सहायता राशि दी गई है। अन्य सहायता को लेकर भी प्रयास चल रहा है। -रामविलास राम, श्रम अधीक्षक
Pages: [1]
View full version: हिसार स्टेशन पर पिता से बिछड़े किशोर के साथ क्रूरता: काम के नाम पर दी यातनाएं, हाथ कटने के बाद भगाया

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com