नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी पर सियासी जंग; पीडीपी विधायक ने सीएम को लिखा पत्र, इसे बडगाम में बनाने का वादा याद दिलाया
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/PDP-MLA-Budgam-1768374046521.jpgजम्मू में कुछ लोग कश्मीर में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर शुरु हुए विवाद में अब पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी भी मैदान में आ गई है। पीडीपी के विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को एक पत्र लिखकर, ओमपुरा बडगाम में इसे स्थापित करने के अपने वादे को पूरा करने, अपने वादे की लाज रखने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि गत अक्टूबर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुलला नेशनल ला यूनिवर्सिटी के लिए स्थायी कैंपस के चिह्नित किए जाने तक इसे ओमपोरा बडगाम में शुरु करने का एलान किया था। इसके बाद से यह चर्चा चल रही है कि इसे बडगाम में ही स्थापित किया जाएगा।
जम्मू में विभिन्न संगठन चाहते हैं कि इसे जम्मू में ही स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गत सोमवार को जम्मू में इस पर कड़ा रवैया अपनाते हुए कहा कि नेशनल ला यूनिवर्सिटी कश्मीर में बन रही हे, इसलिए जम्मू में कुछ लोग विरोध कर रहे हैं।
जब जम्मू में आइआइटी और आइआइएम बना तो कश्मीर में लोगों ने विरोध नहीं किया,उस समय जम्मू में कसिी ने नहीं कहा कि कश्मीर के साथ अन्याय हो रहा है, एक संस्थान कश्मीर में भी बनेगा। उन्होंने कहा कि नेशनल ला यूनिवर्सिटी कहां बनेगी,यह सरकार तय करेगी और जब समय आएगा सभी काे पता चल जाएगा।
पीडीपी विधायक ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया उनका वादा
बडगाम से निर्वाचित पीडीपी के विधायक आगा सैयद मुंतज़िर मेहदी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनका ध्यान नेशनल ला यूनिवर्सिटी बडगाम में बनाए जाने के एलान की तरफ दिलाया। उन्होंने कहा आपने स्वयं इस बात का यकीन दिलाया था कि यह संस्थान बडगाम में बनेगा और अब चर्चा हो रही है कि इसे किसी अन्य जगह पर बनाया जा सकता है। यह बडगाम की जनता के साथ अन्याय है। आपको अपनी बात की लाज रखनी चहिए।
पीडीपी विधायक ने कहा कि आपके वादे को एक प्रशासनिक फैसले के तौर पर नहीं देखा गया है बल्कि सेंट्रल कश्मीर के युवाओं की उम्मीदों में भरोसे और संतुलित क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर देखा गया है। अब जिस तरह से बातें हो रही है, उससे लोगों में दुविधा है और वह चाहते हैं कि स्थिति स्पष्ट करते हुए यह संस्थान बडगाम में ही स्थापित किया जाए।
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