deltin33 Publish time 1 hour(s) ago

मुर्गी दाना का हब बना मुजफ्फरपुर, यहां तैयार फीड से नेपाल-बांग्लादेश में पल रहीं मुर्गियां

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/poultry-feed-hub-1768375103382.jpg

Muzaffarpur Poultry Feed: बेला औद्योगिक परिसर में हर माह 30 से 40 हजार टन का हो रहा उत्पादन। फोटो: जागरण



अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। Bihar Poultry Industry: मुजफ्फरपुर का बेला औद्योगिक क्षेत्र अब सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहा है। यहां तैयार होने वाला मुर्गी दाना बिहार और पूर्वोत्तर भारत के साथ-साथ पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश के पोल्ट्री फार्मों तक पहुंच रहा है।

बेला औद्योगिक परिसर में संचालित पोल्ट्री फीड इकाइयों से प्रतिदिन ट्रकों और कंटेनरों के जरिए नेपाल को नियमित आपूर्ति की जा रही है। उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार बेला औद्योगिक क्षेत्र में इस समय करीब 35 मुर्गी दाना निर्माण इकाइयां संचालित हैं। इन इकाइयों से हर माह 30 से 40 हजार टन पोल्ट्री फीड का उत्पादन हो रहा है।

https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/01/14/template/image/c9af76ce-08a1-442d-81c1-9c624a16fd04-1768375307447.jpg

इससे सालाना लगभग 1600 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है, जिसमें करीब 100 करोड़ रुपये का व्यापार केवल नेपाल को आपूर्ति से जुड़ा हुआ है। कुल उत्पादन का लगभग पांच प्रतिशत हिस्सा नेपाल के पोल्ट्री फार्मों में भेजा जा रहा है।
क्यों बना बेला पोल्ट्री फीड का केंद्र

विशेषज्ञों के अनुसार मुर्गी दाना निर्माण में लगभग 60 प्रतिशत मक्का की खपत होती है, जो उत्तर बिहार और आसपास के जिलों में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। इसके अलावा श्रमिकों की सहज उपलब्धता और परिवहन की बेहतर व्यवस्था के कारण यहां उत्पादन लागत अपेक्षाकृत कम रहती है। एक पोल्ट्री फीड यूनिट स्थापित करने में औसतन सात से आठ करोड़ रुपये की पूंजी लगती है, इसके बावजूद बेला में लगातार नई इकाइयां स्थापित हो रही हैं।
रोजगार का बड़ा जरिया

बेला औद्योगिक क्षेत्र में संचालित प्रत्येक यूनिट में प्रत्यक्ष रूप से 40 से 50 लोगों को रोजगार मिल रहा है। इसके अलावा परिवहन, पैकेजिंग और कच्चे माल की आपूर्ति से जुड़े सेक्टरों में भी बड़ी संख्या में लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हो रहा है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/01/14/template/image/e3de462d-e2e4-48b1-8534-df6ded4cce14-1768375327096.jpg
प्रमुख कंपनियों की मौजूदगी

बेला औद्योगिक क्षेत्र में अनमोल फीड, उग्राया फीड, महाराष्ट्र फीड, मेहता फीड, सत्यम फीड, आईबी फीड, भंडारी फीड और शालीमार फीड जैसी नामी कंपनियां पोल्ट्री फीड का उत्पादन कर रही हैं।अनमोल फीड के महाप्रबंधक रीतेश खरे ने बताया कि बेला में उनकी चार यूनिट संचालित हैं, जबकि पांचवीं यूनिट निर्माणाधीन है।

यहां से तैयार मुर्गी दाना नेपाल और बांग्लादेश के अलावा देश के कई राज्यों में भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि नेपाल को आपूर्ति के लिए आयात-निर्यात लाइसेंस की आवश्यकता होती है और वहां के व्यापारी सीधे संपर्क कर नियमित ऑर्डर देते हैं।
मोतीपुर में भी बढ़ रहा विस्तार

बियाडा के उपमहाप्रबंधक नीरज मिश्रा ने बताया कि बेला के साथ-साथ अब मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र में भी पोल्ट्री फीड इकाइयों का तेजी से विस्तार हो रहा है। उद्यमियों को बिजली, सड़क और भूमि सहित सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पोल्ट्री फीड सेक्टर में निवेश को लेकर लगातार नए उद्यमी संपर्क में हैं, जिससे आने वाले समय में बेला और मोतीपुर मिलकर इस उद्योग का बड़ा केंद्र बनेंगे और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
Pages: [1]
View full version: मुर्गी दाना का हब बना मुजफ्फरपुर, यहां तैयार फीड से नेपाल-बांग्लादेश में पल रहीं मुर्गियां

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com