Siddharthnagar News: Big Game In The Supply Chain... Discrepancy In Matching The Register
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान जब दवा दुकानों के रजिस्टर खंगाले गए तो कई प्रविष्टियां संदिग्ध पाई गईं। कुछ जगहों पर कफ सिरप की आपूर्ति का इंडेंट ही दर्ज नहीं मिला जबकि स्टॉक में दवा का आना दिखाया गया है। वहीं, कुछ रजिस्टरों में बिक्री का विवरण अधूरा या कटा-फटा मिला है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि कागजों में हेरफेर कर अवैध सप्लाई को वैध दिखाने की कोशिश की गई। इसी कड़ी में पुलिस अब सप्लाई चेन के सुराग तलाश कर रही है। थोक विक्रेताओं से लेकर ट्रांसपोर्ट तक की जानकारी तलब की जा रही है।
रजिस्टर में इंडेंट दर्ज नहीं, फिर भी स्टॉक की एंट्री: जहरीला सिरप के पीने से राजस्थान और मध्यप्रदेश में बच्चों के मौत के बाद मामले की जांच शुरु हुई। इसमें डुमरियागंज में कफ सिरप की सप्लाई के मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार अब रजिस्टर में सामने आई खामियों के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे रिकॉर्ड की बारीकी से जांच होगी, वैसे-वैसे और नाम सामने आएंगे।
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शुरुआती साक्ष्य यह भी इशारा कर रहे हैं कि सप्लाई तय मानकों और नियमों को ताक पर रखकर की गई। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि जांच में रजिस्टर में इंडेंट दर्ज नहीं, फिर भी स्टॉक की एंट्री की गई है। वहीं बिक्री और आपूर्ति का पूरा विवरण गायब है। सप्लाई चेन में बिचौलियों की संदिग्ध भूमिका भी पाई गई है। जांच में पुलिस को एक ही खेप के अलग-अलग रिकॉर्ड मिले हैं, जिससे जांच का दायरा आगे बढ़ने पर और लोगों के इसके जद में आने की संभावना है।
इस संबंध में औषधि निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया कि मामले में डुमरियागंज पुलिस को तहरीर देकर आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ बीते माह 20 नवंबर को ही प्राथमिकी दर्ज करा दी गई थी। मामले में पुलिस विवेचना कर रही है। इसकी डिटेल पुलिस से ही प्राप्त हो सकती है।
वहीं, इस संबंध में डुमरियागंज थाने के प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि औषधि निरीक्षक ने पुलिस को जो तहरीर दी थी उसमें एक दवा (सिरप) की क्षमता से अधिक बिक्री की गई है। कोई दवा सील करने का उल्लेख तहरीर में नहीं था। मामले की विवेचना एसआई मनोज कुमार पटेल कर रहे है।
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