आधुनिक तकनीक से बदलेगी गन्ना खेती की तस्वीर, अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/sugar-can-1768376583850.jpgगन्ना उत्पादन और प्रबंधन पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में गन्ना उत्पादन को अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाया है। गन्ने की बेहतर खेती, प्रबंधन और प्रसंस्करण से जुड़ी नवीन तकनीकों की जानकारी के लिए बिहार के गन्ना अधिकारियों और चीनी मिल कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर), लखनऊ में आयोजित किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से आए अधिकारियों और कर्मियों ने भाग लिया।
गन्ना उत्पादन और प्रबंधन पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गन्ना उत्पादन, फसल प्रबंधन और प्रसंस्करण से संबंधित आधुनिक तकनीकों से प्रतिभागियों को अवगत कराना था।
इस दौरान विशेषज्ञों ने देश में गन्ना उत्पादन की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों को बताया गया कि किस प्रकार वैज्ञानिक तरीके अपनाकर गन्ने की उपज और गुणवत्ता दोनों में सुधार किया जा सकता है।
मृदा स्वास्थ्य और रैटून प्रबंधन पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और मृदा परीक्षण प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। साथ ही रैटून प्रबंधन तकनीकों, खरपतवार नियंत्रण और गन्ने में एकीकृत रोग एवं कीट प्रबंधन पर भी गहन जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि इन तकनीकों के सही उपयोग से लागत कम होगी और उत्पादन में बढ़ोतरी संभव है।
कृषि यंत्रों और गुड़ इकाई का प्रत्यक्ष प्रदर्शन
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को आधुनिक कृषि यंत्रों का लाइव डेमो भी दिखाया गया। इसके अलावा गुड़ उत्पादन इकाई का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया गया, जिससे गन्ने के वैकल्पिक उपयोग और मूल्यवर्धन की संभावनाओं को समझाया गया। गन्ने की जैविक खेती के लाभों पर भी अधिकारियों को जागरूक किया गया।
केवीके और चीनी मिल का शैक्षणिक भ्रमण
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों का शैक्षणिक भ्रमण केवीके लखीमपुर और केवीके अयोध्या में कराया गया। यहां उन्हें हाईटेक नर्सरी की कार्यप्रणाली और गन्ने की उन्नत किस्मों की जानकारी दी गई।
इसके अलावा बजाज चीनी मिल, लखीमपुर का भ्रमण कराया गया, जहां गन्ने की क्रशिंग से लेकर चीनी निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में पहल
ईखायुक्त अनिल कुमार झा ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य नव नियुक्त अधिकारियों को वैज्ञानिक खेती की जानकारी देना है, ताकि वे किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर सकें।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से राज्य में गन्ना उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
प्रशिक्षण को बताया गया उपयोगी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे अत्यंत लाभकारी बताया। प्रतिभागियों का कहना है कि प्राप्त जानकारी का उपयोग वे अपने कार्यक्षेत्र में कर गन्ना किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएंगे।
सरकार की यह पहल राज्य में गन्ना उद्योग को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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