रेलवे ने लोको पायलटों की हाजिरी का बदला नियम, अब ट्रेन चलाने के पहले एक टेस्ट भी होगा
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/01_10_2022-loco_pilot_23111873-1768387772305.jpgप्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, रायबरेली। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन पर कार्यरत सभी लोको पायलटों की बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी है। स्टेशन पर कुल 180 लोको पायलट कार्यरत हैं, जिनकी उपस्थिति अब बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से दर्ज की जा रही है। इसके लिए स्टेशन परिसर में दो अत्याधुनिक बायोमेट्रिक मशीनें स्थापित की गई हैं।
नई व्यवस्था के तहत लोको पायलटों को अब ड्यूटी से पहले बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाने के साथ ही फेस रिकग्निशन भी कराना होगा। मशीन अंगूठे की पहचान के साथ-साथ चेहरे को भी स्कैन कर रिकार्ड सुरक्षित करेगी। इससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जी हाजिरी की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
यह कदम परिचालन की पारदर्शिता के लिए उठाया गया है। इसके साथ ही सभी लोको पायलटों की ड्यूटी पर जाने से पहले ब्रेथ एनालाइजर से जांच भी अनिवार्य कर दी गई है। इस जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी लोको पायलट शराब या नशीले पदार्थ के प्रभाव में ड्यूटी न करे। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित लोको पायलट को ट्रेन संचालन की अनुमति दी जाएगी।
लोको चीफ क्रू कंट्रोलर गंभीर सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार नियमों का अनुपालन शुरू कर दिया गया है।उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और लोको पायलट ट्रेन संचालन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। बायोमेट्रिक हाजिरी और ब्रेथ एनालाइजर जांच से न केवल अनुशासन बढ़ेगा, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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