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दुर्गावती नदी में मिट्टी माफिया का खौफनाक खेल, 20 फीट गहरी खुदाई;मानसून में तबाही की आशंका

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दुर्गावती नदी में मिट्टी माफिया का खौफनाक खेल



संवाद सूत्र, रामपुर। स्थानीय प्रखंड क्षेत्र के सबार गांव के समीप दुर्गावती नदी के तट से मानक से कहीं अधिक मात्रा में मिट्टी की खुदाई किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। नियमों को ताक पर रखकर की जा रही इस अवैध खुदाई से न केवल नदी का प्राकृतिक स्वरूप तेजी से बिगड़ रहा है, बल्कि आने वाले मानसून में आसपास के गांवों पर बाढ़ और कटाव का बड़ा खतरा भी उत्पन्न हो गया है।

हालात को लेकर ग्रामीणों में गहरी चिंता के साथ-साथ प्रशासन के प्रति आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, सबार और मझिगांव मौजा क्षेत्र में दुर्गावती नदी के किनारे बड़े पैमाने पर पोकलेन और जेसीबी मशीनों के जरिए मिट्टी की खुदाई कराई जा रही है।

खनन नियमों के तहत नदी तट से कम से कम 500 फीट की दूरी पर ही मिट्टी उठाव की अनुमति है, जबकि खुदाई की अधिकतम गहराई तीन फीट निर्धारित है। लेकिन जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल उलटा है।   
नदी तट के करीब 10 से 20 फीट तक गहरी खुदाई

ग्रामीणों का कहना है कि नदी तट के करीब 10 से 20 फीट तक गहरी खुदाई की जा रही है, जिससे तट कमजोर हो चुका है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि दुर्गावती नदी बरसात के मौसम में उफान पर आ जाती है। ऐसे में तट के पास गहरी खुदाई होने से नदी की धारा का रुख गांव की ओर मुड़ने का खतरा बढ़ गया है। इससे खेतों में जलजमाव, घरों में पानी घुसने और संपर्क सड़कों के बह जाने की आशंका बनी हुई है।

किसानों का कहना है कि नदी के किनारे स्थित उनकी उपजाऊ कृषि भूमि पहले ही कटाव की चपेट में है और यदि अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो कई बीघा जमीन नदी में समा सकती है, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो जाएगा।
पूरे इलाके में धूल का साया

ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर दिन-रात अवैध खनन कराया जा रहा है। ट्रक एवं हाइवा जैसे भारी वाहनों से लगातार मिट्टी का उठाव किया जा रहा है, जिससे पूरे इलाके में धूल छाया रहता है। इसके बावजूद अब तक किसी जिम्मेदार विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में भारी नाराजगी है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि नदी तट के आसपास अनियंत्रित और मानक से अधिक खुदाई से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होता है। इससे नदी के जल प्रवाह की दिशा बदल जाती है, भू-क्षरण की प्रक्रिया तेज हो जाती है और बाढ़ की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

साथ ही भूजल स्तर पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले वर्षों में इसका खामियाजा पूरे इलाके को भुगतना पड़ सकता है।
अवैध और मानक से अधिक मिट्टी की खुदाई पर तत्काल रोक

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से मांग की है कि दुर्गावती नदी के तट पर हो रही अवैध और मानक से अधिक मिट्टी की खुदाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही दोषी ठेकेदारों, वाहन मालिकों और मिट्टी माफियाओं पर सख्त कार्रवाई करते हुए भविष्य में खनन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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