दरभंगा में कोर्ट का साफ संदेश-पुलिस पर हमला करने वाले नहीं बचेंगे, जमानत नामंजूर
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/court-1768388798388.jpgइसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
संवाद सहयोगी, जागरण, दरभंगा। पुलिस पर हमला करने वाले शराब धंधेबाजों के खिलाफ अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे आरोपी कानून की सहानुभूति के हकदार नहीं हैं।
दरभंगा में कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि वर्दीधारी पुलिसकर्मियों पर हमला करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती।
कोर्ट के इस फैसले को अवैध शराब कारोबार पर लगाम कसने की दिशा में कड़ा संदेश माना जा रहा है। न्यायालय की टिप्पणी से साफ है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब राहत की गुंजाइश बेहद कम है।
पुलिस बल पर हमला करने वाले अग्रिम जमानत का हकदार नहीं
अवैध शराब कारोबार में लिप्त धंधेबाजों के खिलाफ की गई छापेमारी दल पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपित संतोष महतो की अग्रिम जमानत आवेदन को खारिज कर दिया गया ।
जिला सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्रा ने याचिका निष्पादित करते हुए उत्पाद पुलिस बल पर हमला करने वाले आरोपित को अग्रिम जमानत का हकदार नहीं बताया। उसे न्यायालय में आत्मसमर्पण करने के लिए निदेशित किया।
उधर, कोर्ट ने केवटी थाना के एक जानलेवा हमला मामले के आरोपित अबूजर उर्फ कोनीन,अमजद, मो. अबू हब्स उर्फ नजमी, अकील अहमद उर्फ मदनी और नकी अहमद की अग्रिम जमानत आवेदन को खारिज कर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पांडेय की अदालत ने झांसा देकर दुष्कर्म करने और इंटरनेट मीडिया पर अश्लील वीडियो व तस्वीर अपलोड कर ब्लैकमेल करने के आरोपित मुजफ्फरपुर जिला के कटरा थानाक्षेत्र के तेहवारा निवासी मिथिलेश सहनी की नियमित जमानत खारिज कर दिया।
पीपी अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि इसके अतिरिक्त कोर्ट ने प्राणलेवा हमला मामले में मो. निजामुद्दीन, मो. नौशाद उर्फ मुस्कान और मो. जसीम उर्फ सलीम उर्फ छोटे की जमानत अर्जी को भी खारिज कर दिया है।
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