नाच उठा धुर्वा: अंश-अंशिका की वापसी पर जश्न का माहौल, बजरंग दल सम्मानित कर रहा अपने हीरो को
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/IMG-20260114-WA0072-1768388410988.jpgबच्चों की वापसी पर धुर्वा में एक साथ मन रही होली-दिवाली।
डिजिटल डेस्क, रांची। धुर्वा की मौसीबाड़ी खटाल आज फिर से रंग-बिरंगी हो गई है। 2 जनवरी से लापता 5 वर्षीय अंश कुमार और 4 वर्षीय अंशिका की 13 दिनों की तड़प आज सुकून की हंसी में बदल गई।
रामगढ़ के चितरपुर से सकुशल बरामदगी के बाद पूरा इलाका होली-दिवाली का मिला-जुला उत्सव मना रहा है, गुलाल उड़ रहा है, डीजे की धुन पर थिरकते पैर, आतिशबाजी की गूंज और मासूमों की मासूम हंसी से हर गली रोशन।
घर के बाहर जहां कल तक मां की आंखें सूजी हुई थीं, आज वही आंखें खुशी के आंसुओं से चमक रही हैं। पिता सुनील कुमार अब सीने से बच्चों को लगाकर कह रहे हैं, दुआएं रंग लाईं।
पड़ोसी, रिश्तेदार और पूरा मोहल्ला एक साथ नाच-गा रहा है। 13 दिन बाद घर का चूल्हा जला, और दिलों में उम्मीद की लौ फिर जल उठी।
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पुलिस मुख्यालय में भी जश्न
पुलिस मुख्यालय, रांची में भी हर्ष और गर्व का माहौल छाया है। झारखंड पुलिस की विशेष टीम, डीजीपी के निर्देशन में 8-12 राज्यों तक फैली SIT, 500 से ज्यादा CCTV फुटेज का बारीकी विश्लेषण, 5,000 वाहनों की जांच, सब एक मिशन की तरह चला।
दो संदिग्धों की हिरासत के साथ यह सफलता आधुनिक पुलिसिंग की मिसाल बन गई। एसएसपी और पूरी टीम में खुशी की लहर है, जैसे उनके अपने बच्चे घर लौट आए हों।
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बजरंग दल का सम्मान समारोह
इस जीत में बजरंग दल की भूमिका भी कम नहीं। चितरपुर के बजरंग दल कार्यकर्ताओं सचिन प्रजापति, डबलू साहू, सन्नी और अन्य साथियों ने सूचना देकर पुलिस को सही दिशा दी।
आज विश्व हिंदू परिषद/बजरंग दल के प्रांत कार्यालय, किशोरगंज, रांची में सम्मान समारोह रखा गया है। इन बहादुर कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जा रहा है, जो 13 दिनों तक अंधेरों में मासूमों की तलाश में जुटे रहे।
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यह सिर्फ दो बच्चों की वापसी नहीं समाज, मीडिया, पुलिस और संगठनों की एकजुटता की जीत है। जब सब मिलकर ठान लें, तो कोई अपराध ज्यादा देर नहीं टिक सकता। अंश-अंशिका अब घर में सुरक्षित हैं। उनके साथ लौट आई है, एक नई सुबह, एक मजबूत उम्मीद।
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