हाथों में कटोरा नहीं, अब होगा बैंड-बाजा! CM योगी और राज्यपाल के सामने परेड करेंगे ये बच्चे, वजह कर देगी हैरान
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/C-343-1-BRY1414-466414-1768389091704.jpgबस में सवार बच्चे
सौरव प्रजापति, जागरण, संभल। कौन कहता है कि आसमां में छेद नहीं हो सकता, जरा एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो। इस पंक्ति का आशय है कि दुनिया का कोई भी काम असंभव नहीं है, बस बात इतनी सी है कि जो काम जितना कठिन होगा, उसमें उतनी ही अधिक मेहनत लगानी होगी। ऐसा ही कुछ संभल प्रशासन और उम्मीद संस्था ने एक साथ मिलकर किया है।
उन्होंने सड़कों पर भीख मांगने वाले नौनिहालों को न सिर्फ शिक्षा के मंदिर से जोड़ा बल्कि अब प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गणतंत्र दिवस पर होने वाली परेड में शामिल करवा दिया है। जो, बच्चे दूसरे के सामने हाथ फैलाते थे, वहीं बच्चे अब बैंड-बाजे और तिरंगे के साथ हुनर दिखाएंगे। दरअसल, जिलाधिकारी डा. राजेंद्र पैंसिया ने जिले में एक मुहिम की शुरुआत की। जिसका नाम रखा ए-बी-सी डाट।
हर शब्द में अलग अर्थ छिपा और उसी अर्थ के जरिये आने वाले कल को संवारने का संकल्प लिया है। जिले की जड़ों से भिक्षावृत्ति और नशाखोरी को खत्म करना, किन्नरों के प्रति मानसिकता बदलनी, दिव्यांगों को सहूलियत और वृद्धजनों को उनका सम्मान लौटने की कवायद की गई। इस कवायद में उम्मीद संस्था का भी साथ मिला है।
यह संस्था उत्तर-प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों के 20 जिलों में काम करती है। मार्च 2025 से संस्था संभल में सक्रिय हुई और प्रशासन के साथ मिलकर भीख मांगने वाले बच्चों को खोजना शुरू कर दिया। इसी के तहत जिले की तीन तहसील संभल, चंदौसी और गुन्नौर में टीम बनाकर 190 भिखारी परिवारों को चिन्हित किया। इनमें 639 महिला-पुरुष शामिल हैं।
इनके 282 बच्चे हैं जो, सड़कों पर भीख मांगते हैं। फिर टीम ने बच्चों को समझाया, परिवार के लोगों को नुकसान बताए और 40 बच्चों का दाखिला स्कूल में करवा दिया। इन्हीं में से 30 बच्चों का चयन अब 2026 के गणतंत्र दिवस पर लखनऊ स्थित राजभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के समक्ष परेड में शामिल होकर मार्च पास्ट करेंगे। इस दौरान तिरंगे के साथ जयघोष भी करेंगे।
मंगलवार को सभी बच्चों को लखनऊ के लिए भेज दिया गया है। पिछले डेढ़ महीने से इन बच्चों को अभ्यास कराया जा रहा है। उम्मीद संस्था की कार्यक्रम प्रमुख डा. रैना शर्मा ने बताया कि बच्चे लखनऊ चले गए हैं। अब लखनऊ में पहुंचकर 10 दिन तक प्रशिक्षण पाकर पूरी तरह से तैयार होकर फिर परेड में शामिल होंगे।
यह गर्व की बात है कि संभल में भीख मांगने वाले बच्चों को लखनऊ की परेड में शामिल होकर हुनर दिखाने का मौका मिलेगा। इन बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए प्रशासन प्रयासरत है। उन्हें शिक्षा से भी जोड़ा जा रहा है।
- डा. राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल।
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