यूपी में इस नदी के किनारे कच्चे तेल के भंडार की संभावना, भूमिगत ब्लास्ट कर तरंगों को किया जा रहा रिकार्ड
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/UP-crude-oil-discovery-1768394490579.jpgअछल्दा के हसनपुर गांव में सेंगुर नदी किनारे बोरिंग करते श्रमिक। जागरण आर्काइव
जागरण संवाददाता, औरैया। यूपी में सेंगूर नदी के किनारे कच्चे तेल के भंडार की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए लगातार बोरिंग करके तलाश की जा रही है।कच्चे तेल (क्रूड आयल) की संभावना पर अल्फाजियो (इंडिया) लिमिटेड कंपनी ने भूमिगत बोरिंग में करीब पौने तीन लाख रुपये खर्च कर दिए।
औरैया में सबसे पहले अछल्दा के हसनपुर गांव में सेंगुर नदी किनारे टीम ने बीते वर्ष 14 दिसंबर को 80 फीट तक 20 बोरिंग की। चार ब्लास्ट कर तरंगों को रिकार्ड किया गया। बिधूना में 18 बोरिंग हुई। आठ ब्लास्ट किए गए। अजीतमल में 40 बोरिंग करते हुए भूमिगत 10 ब्लास्ट कर कार्यों को किया। जानकारों का कहना है कि 50 से 80 फीट बोरिंग पर 10 से 12 हजार रुपये खर्च होते हैं। बोरिंग गहराई पर निर्भर रहती है।
नवंबर 2025 में ड्रोन कैमरे से पता चलने पर टीम को क्षेत्र में कच्चे तेल की खोज की संभावना बढ़ी थी। ओएनजीसी (तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम) भूगर्भीय संरचना की जांच कर रही हैं। ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खोज हो सकती है। स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं और भविष्य में तेल उत्पादन के नए द्वार खुल सकते हैं।
हसनपुर गांव में कच्चे तेल के संकेत मिलने के चलते तीन किलोमीटर के दायरे में 20 बोरिंग 80 से 150 फीट पर की गई थी। 14 से 16 दिसंबर तक टीम सेंगुर नदी किनारे सक्रिय रही। 21 दिसंबर को कंपनी के अधिकारियों द्वारा बिधूना क्षेत्र के रुरुगंज और भूटा गांव में करीब 18 जगहों पर बोरिंग कर डाटा एकत्रित किया गया था।
जानें क्या कहते हैं फील्ड इंचार्ज
फील्ड इंचार्ज संतोष मौर्या का कहना रहा कि तरंगों के जरिए एकत्रित डाटा की जानकारी मिलने पर उचित मात्रा में हाइड्रोकार्बन पदार्थ मिला तो क्षेत्रीय लोगों को सबसे बड़ा लाभ मिलेगा। अजीतमल क्षेत्र में कच्चे तेल की खोज को लेकर बड़ा अभियान शाहपुर बेंदी समेत कई गांवों में 25 दिसंबर को चलाया गया। शाहपुर बेंदी, खेतूपुर नारायणपुर और काजीपुर बंबा जैसे गांवों में गहन सर्वे और खोदाई का कार्य हुआ। 200 से अधिक मजदूर और तकनीकी कर्मचारी दिन-रात कार्य में जुटे रहे। 80 से 120 अलग-अलग स्थानों पर बोरिंग कर सैंपल एकत्र किए गए। इन सैंपलों को विस्तृत जांच और विश्लेषण के लिए दिल्ली स्थित कंपनी की प्रयोगशाला भेजा गया।
कन्नौज में चार गांवों में की ड्रिल बोरिंग
पेट्रोलियम की तलाश में हैदराबाद की टीम ने चार गांव में की ड्रिल बोरिंग। खेतों में 25 स्थानों पर ड्रिल मशीन से 30 मीटर गहरी की हैं। कन्नौज जनपद के थाना विशुनगढ़ क्षेत्र में गांव कुड़रा, रैपुरा, पोपपुर और तिर्वा कोतवाली बहसार गांव में 60 मीटर गहरी बोरिंग हुई।
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