डिजिटल अरेस्ट को लेकर आर-पार के मूड में सरकार, Google-Whatsapp के साथ मिलकर बना लिया मेगा प्लान
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/Digital-Arrest-India-1768394519467.jpgकेंद्र सरकार ने डिजिटल अरेस्ट पर व्यापक रणनीति बनाई
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापक रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों की संयुक्त पहल से साइबर अपराध पर अंतिम प्रहार की तैयारी हो रही है।
गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट में इसकी जानकारी साझा की है। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत के 1 और 16 दिसंबर 2025 के निर्देशों का पालन करते हुए एक संयुक्त उच्च-स्तरीय अंतर-विभागीय समिति गठित की गई है।
यह समिति कानूनी, तकनीकी, बैंकिंग और दूरसंचार प्रणालियों की कमजोरियों की पहचान करेगी और उन्हें दूर करने के प्रभावी उपाय सुझाएगी।
डिजिटल अरेस्ट के आंकड़े और खतरा
सख्त कदम उठाना आवश्यक हो गया है, क्योंकि देश भर में 2024 में डिजिटल अरेस्ट के 1.23 लाख मामले दर्ज हुए, जिनमें 1935 करोड़ रुपये की ठगी हुई।
ऐसे स्कैम में ठग फोन कॉल के जरिए डराते-धमकाते हैं और पैसे ऐंठते हैं। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि अगर कोई फोन करके पैसे मांगे या डराए-धमकाए, तो कॉल काटकर तुरंत 112 या 1930 (राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन) पर जानकारी दें।
टेक कंपनियों से मांगी मदद
सरकार की इस मुहिम में गूगल, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। इन कंपनियों के साथ 6 जनवरी को एक बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
समिति इन कमजोरियों को बंद करने के लिए ठोस सुझाव देगी, ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों पर लगाम लग सके। यह पहल साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो आम नागरिकों को ठगों से बचाने में मदद करेगी।
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