विराट रामायण मंदिर में 17 जनवरी को सहस्त्र शिवलिंगम स्थापना, सीएम नीतीश और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी होंगे शामिल
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/Nitish-and-samrat-1768400038126.jpgसीएम नीतीश और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आगमन को देखते हुए डीआइजी, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने स्थल का किया निरीक्षण। फाइल फोटो
संवाद सहयोगी, कल्याणपुर (पूर्वी चंपारण)। Sahastra Shivling Sthapna: चकिया–केसरिया मार्ग पर स्थित निर्माणाधीन विश्व के सबसे बड़े विराट रामायण मंदिर में आगामी 17 जनवरी को सहस्त्र शिवलिंगम की भव्य स्थापना होने जा रही है। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति प्रस्तावित है। आयोजन को लेकर क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है और लगातार नौवें दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ती रही।
सहस्त्र शिवलिंगम स्थापना कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और मंदिर प्रबंधन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। इसी क्रम में डीआईजी हरि किशोर राय, जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने संयुक्त रूप से मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, पंडाल निर्माण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
विराट रामायण मंदिर के सचिव सायन कुणाल ने बताया कि कार्यक्रम में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने पंडाल को खुला रखने का निर्देश दिया, ताकि भीड़ प्रबंधन में सुविधा हो और किसी आपात स्थिति में आवागमन बाधित न हो।
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इधर, प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्लान तैयार किया गया है। 16 जनवरी की शाम से भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। चकिया–केसरिया मुख्य मार्ग सहित कुल 53 शाखा सड़कों पर यातायात नियंत्रण लागू किया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग की जाएगी और प्रत्येक पॉइंट पर पुलिस पदाधिकारी के साथ सशस्त्र बल की तैनाती रहेगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और भीड़ प्रबंधन में सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि यह आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे शांतिपूर्ण एवं सफल बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी की गई है।
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