सोनपुर एएनएम केंद्र में छात्राओं को मिला कीड़े वाला खाना, सड़क पर उतरकर प्रदर्शन
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/sonapur-1768399865276.jpgसोनपुर एएनएम केंद्र में छात्राओं को मिला कीड़े वाला खाना
संवाद सहयोगी, सोनपुर। भोजन में कीड़ा पाए जाने को लेकर सोनपुर के एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं ने बुधवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सभी छात्राएं मेस में मिलने वाले भोजन की निम्न गुणवत्ता और अनियमितता को लेकर रोषपूर्ण प्रदर्शन करते हुए पहले अनुमंडलीय चिकित्सालय पहुंचीं।
यहां उन्हें समझाया गया लेकिन वे नहीं मानीं। इसके बाद सड़क पर नारेबाजी करते हुए छात्राओं का जत्था अनुमंडल कार्यालय पहुंचा। यहां छात्राओं का एक प्रतिनिधिमंडल अनुमंडल पदाधिकारी से अनुमंडल कार्यालय में मिला और उचित कार्रवाई की मांग की।
भोजन में कीड़े मिलने और साफ-सफाई का अभाव होने का आरोप लगाया कि ट्रेनिंग सेंटर के मेस में उन्हें जो भोजन दिया जा रहा है, वह स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद असुरक्षित है।
दाल और सब्जी में अक्सर मिलते हैं कीड़े
छात्राओं का कहना थाना कि एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में जीविका दीदियों के स्तर से उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसका उनसे निर्धारित शुल्क लिया जाता है। छात्राओं का कहना है कि दाल और सब्जी में अक्सर कीड़े मिलते हैं और रोटियां भी सही नही दी जाती हैं। बार-बार मेस संचालक से शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
एक छात्रा ने बताया कि हमें पौष्टिक आहार की जरूरत है, लेकिन यहां जो खाना मिल रहा है उससे हम बीमार पड़ रहे हैं। साफ-सफाई का भी कोई ध्यान नहीं रखा जाता।
स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
छात्राओं की शिकायतों को सुनने के बाद एसडीओ ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत मेस के खाने की जांच कराने का आश्वासन दिया। एसडीओ ने छात्राओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भोजन के सैंपल की जांच कराई जाएगी और यदि मेस संचालक दोषी पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।
छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में रहने और खाने के नाम पर उनसे शुल्क तो लिया जाता है लेकिन बदले में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलती। फिलहाल, प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्राओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। वहीं इस मामले में जीविका दीदी का कहना है कि जब रुपया देने का समय आता है तो इस तरह का आरोप लगाया जाता है।
एसडीओ स्निग्धा नेहा ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर जीविका को भी डांट-फटकार लगाई गई है और छात्राओं को कहा गया है कि वे लोग एक टीम बनाकर प्रतिदिन भोजन की जांच स्वयं करें।
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