इंदौर में जैन साध्वी से 24 लाख की साइबर ठगी, बिना OTP छह ट्रांजेक्शन में ठगों ने उड़ा ली दान की राशि
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/cyber-fraud-crime-23156-1768401531193.jpgसाइबर जालसाज (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर में साइबर अपराधियों ने एक जैन साध्वी के बैंक खाते से 24 लाख रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। हैरानी की बात यह है कि बिना किसी ओटीपी के छह अलग-अलग ट्रांजेक्शन में पूरी राशि निकाल ली गई। यह रकम समाजजनों द्वारा साध्वी के आहार-विहार के लिए दान स्वरूप दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद राज्य साइबर सेल ने मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसपी (साइबर) सव्यसाची सराफ के अनुसार, यह धोखाधड़ी आर्यिका जयश्री माताजी संघ की वरिष्ठ साध्वी के साथ हुई है। उनकी सेविका बाल ब्रह्मचारिणी काजल दीदी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। बताया गया कि साध्वी वर्तमान में चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, उदय नगर (बंगाली चौराहा) में प्रवास पर हैं और उनका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बचत खाता है।
21 से 23 दिसंबर के बीच हुई ठगी
शिकायत के मुताबिक, 21 से 23 दिसंबर के बीच साइबर ठगों ने छह बार में खाते से 24 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए और तुरंत एटीएम के जरिए रकम निकाल ली। बैंक से ट्रांजेक्शन के मैसेज मिलने पर ठगी का खुलासा हुआ, जिसके बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई।
यह भी पढ़ें- मकर संक्राति पर चाइनीज मांझे का कहर, इंदौर में चार लोग घायल, दो का गला कटा, एक की हालत नाजुक
दीक्षा लेने के बाद साध्वी सार्वजनिक रूप से बाहर नहीं जातीं और उनका मोबाइल फोन उनकी सेविका ही उपयोग करती हैं। पुलिस अब ट्रांजेक्शन से जुड़े खातों और एटीएम निकासी के सुराग खंगाल रही है।
फर्जी खातों के जरिए साइबर ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार
इधर, एक अन्य मामले में साइबर ठगी से जुड़े खातों की जांच में क्राइम ब्रांच ने विष्णु परमार को गिरफ्तार किया है। अहमदनगर निवासी शादाब खान को लोन दिलाने का झांसा देकर आरोपी ने उसके और उसकी मां के दस्तावेज हासिल किए और कालानी नगर स्थित बैंक में खाते खुलवाए। बाद में ये खाते साइबर अपराधियों को बेच दिए गए।
गुजरात के बलसाड़ थाने में दर्ज केस के तहत शादाब को नोटिस मिलने पर इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
Pages:
[1]