लखनऊ में उत्तरायणी कौथिग मेले का उद्घाटन, सीएम धामी बोले- उत्तर प्रदेश से जो सीखा है उसे उत्तराखंड में उतार रहा हूं
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/04_05_2023-cm_pushkar_singh_dhami_4_23403104-1768405527268.jpgजागरण संवाददाता, लखनऊ। पर्वतीय खानपान और सांस्कृतिक विरासत को अपने आंचल में समेटे उत्तरायणी कौथिग (मेले) का बुधवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्घाटन किया। पर्वतीय महापरिषद की ओर से बीरबल साहनी मार्ग स्थित पं.गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक स्थल पर शुरू हुए कौथिग में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश से मैने जो कुछ भी सीखा है उसे उत्तराखंड में उतार रहा हूं।
यहां की हर गलियां मुझे याद हैं। धार्मिक एकता और भाईचारे को बढ़ावा दिया जा रहा है। असामाजिक तत्वों के विरुद्ध अभियान चलाकर धार्मिक सौहार्द को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। पर्यटन के क्षेत्र में देव भूमि का भी लगातार विकास हो रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश जहां आर्थिक रूप से उन्नति कर रहा है, वहीं सांस्कृतिक विरासत का भी तेजी से विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के अंतिम गांव माणा में प्रवास कर सीमावर्ती गांव के विकास की नींव रखी तो 17 हजार ऊंचे आदि कैलाश पर जाकर पर्यटन को बढ़ावा दिया।
प्रधानमंत्री की प्रेरणा से उत्तराखंड लगातार आगे बढ़ रहा है। गंगा-यमुना के साथ ही शारदा कारिडाेर के माध्यम से मां पूर्णा गिरि देवी धाम को धार्मिक पर्यटन के रूप में नई पहचान दी जा रही है। उत्तराखंड के छोटे बड़े 48 मंदिरों के सुंदरीकरण का कार्य किया जा रहा है। केदार नाथ व बद्रीनाथ समेत चारो धाम की यात्रा को सुगम बनाया गया है।
पहली बार शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं को रोजगार के भी अवसर दिए जा रहे हैं। अब तक 27 हजार रिक्तियों को भरा गया है और दाे हजार पुलिस भर्ती का परिणाम भी आने वाला है।
उन्होंने कहा कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की प्रेरणा से राजधानी का विकास हो रहा है। महापौर सुषमा खर्कवाल को पर्वत गौरव सम्मान देकर मैं बहुत खुश हूं। वह रक्षामंत्री के सपनों को साकार करने में लगी हैं। इससे पहले महापौर ने कहा कि पर्वत गौरव सम्मान देकर समाज के लोगों ने मेरा मान बढ़ाया है। मुझे जो भी राशि दी गई है, उसका 10 गुना मैं पर्वतीय महापरिषद को वापस कर रही हूं।
इससे पहले पर्वतीय महापरिषद के अध्यक्ष गणेश चंद्र जोशी ने पारंपरिक झोड़ा व छोलिया दल के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उत्तराखंड के स्थापना के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मेला 10 दिन के बजाय 15 दिन का होगा। मेले से पहले महानगर के रामलीला मैदान से पारंपरिक राजजात नंदा शोभायात्रा निकाली गई।
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