स्विगी, ब्लिंकिट और जेप्टो ने 10 मिनट डिलीवरी का दावा छोड़ा, जमीन पर कितना होगा बदलाव; क्या है एक्सपर्ट की राय?
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/Blinkit-(PTI)-1768405456082.jpgगिग वर्कर। (पीटीआई)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। स्विगी, ब्लिंकिट और जेप्टो जैसी प्रमुख क्विक कॉमर्स कंपनियों ने हड़ताल और सरकार के दखल के बाद \“10 मिनट\“ डिलीवरी को बढ़ावा देने वाली टैगलाइन हटा दी है। लेकिन एक्सपर्ट इस कदम को सिर्फ दिखावा बता रहे हैं, जिसमें जमीनी स्तर पर बहुत कम बदलाव हुआ है। सरकार का दखल गिग वर्कर्स के लिए ज्यादा सुरक्षा और बेहतर स्थितियों को सुनिश्चित करने के प्रयास बीच आया है।
हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि \“10 मिनट डिलीवरी\“ टैगलाइन को हटाना बिजनेस में असली बदलावों के बजाय ज्यादातर दिखावा है। एलारा कैपिटल के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट करण तौरानी ने रॉयटर्स को बताया, \“\“10 मिनट डिलीवरी कैचलाइन को हटाना ज्यादातर दिखावा है, न कि बिजनेस में कोई बड़ा बदलाव।\“\“
उन्होंने कहा कि क्विक कॉमर्स का प्रस्ताव अभी भी स्पीड, सुविधा और नजदीकी आधारित डिलीवरी पर टिका हुआ है, जो स्ट्रक्चरल रूप से हॉरिजॉन्टल ई-कॉमर्स टाइमलाइन से बेहतर है।
सरकार के दखल से आएगा क्विक डिलीवरी में बदलाव?
अब ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सरकार के दखल के बाद क्विक डिलीवरी में कोई बदलाव आएगा। तो आपको बता दें कि सरकार के आदेश के बावजूद, कंपनियों पर तेज डिलीवरी सेवाएं न देने का कोई कानूनी बंधन नहीं है। रॉयटर्स के अनुसार, दिल्ली के एक इलाके में बिल्किंट ने बुधवार को 8 मिनट के भीतर डिलीवरी दिखाई।
जोमैटो और ब्लिंकिट की पेरेंट कंपनी एटर्नल ने मंगलवार को साफ किया कि उनके क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट के बिजनेस मॉडल में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में गिग वर्कर्स का कहना है कि नए बदलावों से जमीनी स्तर पर बहुत कम फर्क पडे़गा।
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