जिस श्मशान की 15 साल रखवाली की, वहीं मिली ऐसी खौफनाक मौत; मंजर देख कांप गई रूह
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/14/article/image/crime-1-1768413571500.jpgप्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, बरेली। जहां हर दिन चिताओं की लपटों में अपनों की यादें राख बनती हैं। उसी श्मशान भूमि में इतने दर्दनाक तरीके से एक जिंदगी का अंत होगा किसी ने सोचा भी नहीं होगा। वर्षों से दूसरों अस्थियों और राख की रखवाली करने वाले पूरनलाल की जब मौत हुई तो उनके पास कोई भी अपना नहीं था। आखिरी समय में कोई और भी ऐसा नहीं था जो पूरनलाल से एक घूंट पानी को पूछा पाता।
छटपटाते हुए उन्होंने प्राण त्याग दिए। कुत्ते पूरी रात शव को नोंचते रहे, सुबह जब कुछ लोगों ने देखा तो उनकी रूह कांप गई। उन्होंने कुत्तों को किसी तरह वहां से भगाया मगर अफसोस तब काफी देर हो चुकी थी, पूरनलाल के पूरे चेहरे को कुत्ते बुरी तरह से नोंचकर खा चुके थे। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो मौत की वजह बीमारी आई है।
पुलिस के मुताबिक, सुभाष नगर निवासी पूरनलाल वर्ष 2010 से जगतपुर श्मशान भूमि में चौकीदारी का काम करते थे। उन्होंने श्मशान भूमि को ही अपना घर बना लिया था। जो भी व्यक्ति उन्हें खाने को दे देता उसे ही खा लेते थे। किसी से कभी कोई जबरदस्ती नहीं की। बुधवार सुबह श्मशान भूमि में ही उनका शव मिला। उसे चार पांच कुत्ते नोच रहे थे।
कुत्तों ने उनके चेहरे का काफी हिस्सा खा लिया था। इसी बीच श्मशान भूमि में आने वाले शवों की लिखापढ़ी करने वाले महेश भी वहां पहुंच गए उन्होंने देखा तो कुत्तों को भगाया। महेश चंद्र का कहना हैं कि, मंगलवार शाम एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी उनकी अंत्येष्टि इसी श्मशान भूमि में होनी थी। इस संबंध में पूरनलाल से रात को बात हुई तो उन्होंने कहा था कि सुबह जल्दी आ जाना क्योंकि अंत्येष्टि जल्दी होनी है।
महेश सुबह करीब 9:30 बजे श्मशान पहुंचे तो पूरनलाल मृत अवस्था पड़े थे। उनके शव को कुत्ते नोच रहे थे। मौके पर पहुंची बारादरी पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम को भेजा और सुभाष नगर निवासी स्वजन को भी सूचित कर दिया है। पोस्टमार्टम में मौत का कारण बीमारी आया। पूरनलाल के मुंह, आंख, नाक, कान, गर्दन, सिर, दिमाग सब कुछ कुत्ते नोच चुके थे।
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