अमृत 2.0 परियोजना से दिल्ली की कई झीलों को मिला नया जीवन, लेकिन कागजों में तर और जमीनी पर सूखी हैं झील
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/15/article/image/Delhi-News-Update-(61)-1768424714506.jpgसांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अमृत 2.0 परियोजना के तहत दिल्ली की कई झीलों को नया जीवन मिल गया है, लेकिन अभी कुछ झीले कागजों में तो तर हैं लेकिन जमीनी स्तर पर सूखी है। एमसीडी की 21 में 18 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं लेकिन नैनी झील का काम शुरू ही नहीं हो पाया है तो वहीं वेलकम झील और आया नगर झील का काम अभी पूरा ही नहीं हो सका है।
इसके अलावा डीडीए के अधीन आने वाले भलस्वा झील अब भी उद्धार का इंतजार कर रही है। यह झील अतिक्रमण के साथ ही गंदगी की शिकार है। जहां पर कीचड़ साफ तौर पर झील के अंदर देखी जा सकती है। हालांकि पिछले कुछ समय में पूर्वी दिल्ली में संजय झील का जीर्णोद्वार का काम चल रहा है। यहां पानी आ गया है। इसकी वजह से यह इलाका नागरिकों से लेकर पक्षियों तक के लिए अब पिकनिक का स्पाट बन गया है।
दिल्ली में वर्षा के जल संग्रहण और भूजल स्तर को बनाने के लिए इन झीलों का जीर्णोद्वार किया जाना है। दिल्ली सरकार, नगर निगम और दिल्ली विकास प्राधिकरण को झीलों की स्थिति का सुधार करना है। इसके तहत निगम को केंद्र सरकार से अमृत 2.0 के तहत 47 करोड़ रुपये मिले थे।
इसमें तीन 21 परियोजनाओं में से 18 पर काम पूरा हो चुका है। रोशनआरा पार्क की सूखी हुई झील को एमसीडी ने नया रूप दे दिया है। जहां झील के चारों तरफ फुटपाथ बनाया गया है और झूले भी लगाए गए हैं। एमसीडी की योजना है कि यहां पर रेस्तरां और नौका विहार को शुरू किया जाए। इसके लिए एमसीडी कोशिश में जुटी हुई है।
नैनी झील के लिए स्थायी समिति के गठन के कारण हुई देरी
अमृत 2.0 परियोजना के तहत माडल टाउन स्थित नैनी झील का सुंदरीकरण किया जाना है। इसमें झील की सफाई और एसटीपी से पानी पहुंचाना है। पूर्व में यहां पर नौका विहार होता था उसको भी यहां पर शुरू किया जाना है। पिछले वर्ष स्थायी समिति के गठन में देरी की वजह से 2022 से चल रही इस परियोजना को अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है।
इसके लिए 10 करोड़ की राशि केंद्र सरकार से निगम को मिली थी लेकिन पिछले साल से यह परियोजना स्थायी समिति के गठन के कारण पारित नहीं हो पाई थी। अब स्थायी समिति बनी है तो नए सिरे से परियोजना को बनाया जा रहा है जिसकी मंजूरी लेकर काम शुरू किया जाएगा।
आया नगर झील की जा रही है सफाई, दो माह में होगा काम
एमसीडी ने आया नगर में झील का सुंदरीकरण किया था लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा इसमें गोबर डालने से यहां पर गाद जमगई थी। वहीं, लोग कचरा भी डालने लग गए थे। इसकी वजह से इस झील का पानी काफी गंदा हो गया था। इसके बाद इसकी सफाई का कार्य शुरू किया गया है।
गाद को निकाल दिया गया है। लेकिन फिर भी लोग आस-पास गोबर डालकर जा रहे हैं। झील को शुरू करने के लिए एसटीपी से पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। स्थानीय पार्षद शीतल चौधरी के अनुसार अगामी दो माह में काम पूरा हो जाएगा।
पानी न मिलने की वजह से बंद पड़ा है वेलकम झील का एसटीपी
एमसीडी ने वेलकम झील परियोजना का कार्य पूर दिया था लेकिन अभी इसका एसटीपी चालू नहीं हो पाया है। जिसकी बड़ी वजह एसटीपी को मिलने वाला पानी ही जल बोर्ड की ओर से किसी ओर अन्य परियोजना के लिए डायवर्ट कर दिया है।
झील का काम करीब डेढ़ वर्ष पूर्व पूरा हो गया था। एसटीपी भी चालू हो गया था और पानी भी भर दिया गया था लेकिन एसटीपी को मिलने वाले नाले के पानी को डायवर्ट करने से एसटीपी बंद पड़ा है। इसकी वजह से झील सूखी पड़ी है।
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