शाहीनबाग से जुड़े तुर्कमान गेट हिंसा के तार, यूट्यूबर ऐमन रिजवी की भूमिका सामने आई
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/15/article/image/Delhi-Khabar-Update-(71)-1768442450953.jpgतुर्कमान गेट पर तैनात सुरक्षा बल।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एनआरसी व सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान जिस तरह शाहीनबाग में अराजकता फैलाने की साजिश रची गई थी, उसी तरह तुर्कमान गेट पर अतिक्रमण हटाने के दौरान बड़ा षड्यंत्र रचा गया था। यहां हुई हिंसा की पड़ताल के दौरान जांच एजेंसियों को कुछ ऐसे सुबूत मिले हैं, जिसके तार शाहीनबाग से जुड़ रहे हैं।
महिला यूट्यूबर का 10 इन्फ्लुएंसर कर रहे थे सहयोग
सूत्रों के मुताबिक, शाहीनबाग में लोगों को भड़काने में शामिल रही महिला यूट्यूबर ऐमन रिजवी ने यहां भी गलत तथ्यों को पेश कर हिंसा भड़काने का काम किया। इसमें करीब 10 इन्फ्लुएंसर उस्का बरहयोग कर रहे थे। पुलिस ने सभी की सूची तैयार कर उनके ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वे हिंसा के बाद से ही फरार हैं।
किसके इशारे पर यूट्यूबर ऐमन रिजवी ने किया ऐसा?
सूत्रों के मुताबिक, तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ यूट्यूबर और इंफ्लुएंसरों ने लोगों को भड़काने के लिए गलत तथ्यों के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर दिए। इसके बाद जुटी भीड़ ने जमकर पत्थरबाजी की, जिसमें चांदनी महल थानाध्यक्ष समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
400 से अधिक फुटेज, ड्रोन और बकडी बार्न कैमरों की मदद से पुलिस अब तक करीब 100 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है, जिनमें से 20 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, भीड़ जुटाकर हिंसा के लिए उकसाने वाले फरार हैं।जांच में पता चला है कि यूट्यूबर ऐमन रिजवी के इशारे पर ही सलमान खान, खालिद मलिक, सैयद उमेर अली और 10 अन्य इन्फ्लुएंसरों ने तथ्यों को तोड़ मरोड़कर लोगों को भड़काया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ऐमन रिजवी की इंस्टाग्राम आईडी पर अब भी एक वीडियो है, जिसमें ऊपर पीली पट्टी में लिखा है \“तुर्कमान गेट दिल्ली की मस्जिद, दरगाह फैज इलाही पर चला बुलडोजर\“। ऐसे ही वीडियों वायरल होने के बाद भीड़ जुटी थी। इस वीडियो को करीब तीन हजार लोगों से शेयर किया गया था। पांच आरोपितों की जमानत
याचिका खारिज
तीस हजारी कोर्ट ने बुधवार को पांचों आरोपितों आरिब, काशिफ, कैफ, अदनान और समीर की जमानत याचिकाएं सखारिज कर दीं। न्यायिक मजिस्ट्रेट सायशा चड्द्धा ने कहा-पत्थरों को लगातार बारिश, सरकारी संपत्ति को नुकसान व पुलिस को अपनी ड्यूटी करते समय लगी चोट प्रशासन पर हमला है। सिपाही संदीप द्वारा सही पहचान के बाद प्राथमिकी में सभी आरोपितों के नाम दर्ज किए गए हैं।
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