वाराणसी के SIR में 1.62 लाख वोटरों को आज से जारी होगा नोटिस, एक सप्ताह के अंदर होगी सुनवाई
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/15/article/image/SIRupdate-1768444802650.jpgछह फरवरी तक दावा अपत्ति का मौका। जागरण
जागरण संवाददाता, वाराणसी। विधानसभा मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण के बाद वोटर लिस्ट का आलेख प्रकाशन हो चुका है। दावा आपत्ति आने लगे हैं तो नो मैपिंग वोटरों को नोटिस देने की तैयारी भी लगभग पूर्ण हो गई है। नो मैपिंग की सूची में आने वाले एक लाख 62 हजार 680 वोटरों के घर पर गुरुवार से नोटिस पहुंचने लगेगा। नोटिस में ही सुनवाई स्थल व तिथि भी दर्ज होगा।
स्थानीय बूथ के आसपास इसकी सुनवाई होगी। एसआइआर के दौरान गणना प्रपत्र भरने वाले इन वोटरों की वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान न होने के कारण नो मैपिंग में रखा गया है। आयोग की ओर से तय 12 प्रमाण पत्रों में से एक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करना होगा। वोटर साक्ष्य नहीं देंगे तो नाम कटना तय है।
ये देना होगा साक्ष्य के रूप में..
केंद्र या राज्य सरकार अथवा किसी सरकारी निगम के कर्मचारी व पेंशनभोगी का पहचान पत्र या पेंशन पत्र, एक जुलाई 1987 से पहले जारी कोई सरकारी पहचान पत्र, आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी हाईस्कूल या अन्य शैक्षिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र (एससी./एसटी/ओबीसी या अन्य), राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण से संबंधित प्रमाण, राज्य या स्थानीय निकाय द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर, सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र शामिल है।
यह भी पढ़ें- धनु से मकर में पहुंच उत्तरायण हुए सूर्य, खरमास समाप्त, काशी में उमड़ी भक्तों की भीड़
जांच में बीएलओ पास, परिजन ही निकले दोषी...
एसआइआर के क्रम में मतदाता सूची के आलेख्य प्रकाशन के बाद तीन मृतकों की सूची में नाम आने के प्रकरण का पटाक्षेप हो गया है। जांच के बाद इसमें मृतक के परिजन, मकान मालिक की गलती सामने आई है। बीएलओ व अन्य संबंधित लोगों को पूरी तरह क्लीनचिट दे दिया गया है।
दैनिक जागरण ने 13 जनवरी के अंक में \“रत्नावली व कलावती अब दुनिया में नहीं पर मतदाता सूची में जिंदा\“ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद इसकी जांच भाग संख्या 259 के सुपरवाइजर मनोज कुमार लेखपाल के माध्यम से स्थलीय जांच की। रिपोर्ट में बताया गया है कि कलावती का देहांत 2017 में ही हो चुका है। लेकिन बीएलओ को परिजनों की ओर से भूलवश मृतक का फार्म भी सौंप दिया गया।
रत्नावली के बारे में जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2018 में देहांत हो गया लेकिन भुलवश परिजनाें ने फार्म भर दिया। मृतक सनी लामा के बारे में जांच में लिखा गया है कि मकान मालिक बल्ली गुरू द्वारा लिखित कथन में कहा गया है कि सनी लामा का परिवार किरायेदार था जो काफी समय पहले अपने घर शिलांग चला गया, वहां पर सनी लामा की मृत्यु हो गई। तीनाें वोटरों का फार्म सात भरा लिया गया है। अंतिम मतदाता सूची में उक्त समस्त नाम निरस्त कर दिए जाएंगे।
Pages:
[1]