छावनी क्षेत्रों को नगर निगमों में मिलने के पक्ष में नहीं यूपी सरकार, वित्त मंत्री ने बैठक में बताई वजह
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/15/article/image/17_06_2022-up_finance_minister_suresh_khanna_22811711-1768446499383.jpgराज्य ब्यूरो, लखनऊ। राज्य सरकार कैंटोनमेंट(छावनी) क्षेत्रों को नगर निगमों में शामिल करने के पक्ष में नहीं है। सरकार चाहती है कि कैंटोनमेंट क्षेत्रों की अलग पहचान व व्यवस्था यथावत बनी रहे।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पिछले दिनों केंद्रीय बजट के संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा दिल्ली में बुलाई गई बैठक में कहा कि कैंटोनमेंट क्षेत्र एक पृथक वैधानिक व्यवस्था के तहत संचालित होते हैं और सुव्यवस्थित, स्वच्छ तथा अनुशासित क्षेत्र होते हैं। ऐसे में इन्हें नगर निगमों में शामिल करना अनावश्यक अव्यावहारिक तथा प्रशासनिक जटिलताओं को जन्म देगा।
बैठक में खन्ना ने कहा कि भारतीय रेल की काफी जमीन अनुपयोगी या उस पर अवैध कब्जा है। भूमि को जनहित में उपयोग करने की राज्यों को अनुमति नहीं है। ऐसे में जनहित के लिए राज्यों को उसका उपयोग करने की सरल एवं व्यावहारिक अनुमति दी जाए।
वित्त मंत्री ने प्रदेश की समस्त पुलिस इकाइयों में ‘एकीकृत शस्त्र एवं गोला बारूद प्रबंधन प्रणाली’ की स्थापना करने की बात भी रखी। कहा कि यूपी जैस बड़े व संवेदनशील राज्यों में पुलिस बल को प्रभावी बनाने तथा आधुनिकीकरण के लिए शस्त्रों व गोला बारूद के वैज्ञानिक, सुरक्षित एवं पारदर्शिता प्रबंधन की आवश्यकता है।
प्रदेश में सौर अनुसंधान केंद्र की स्थापना की बात रखते हुए केंद्र सरकार से सहायता देने की भी मांग की। वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य की आयुद्ध निर्माणी इकाइयों के सारे संसाधन आदि उपलब्ध हैं लेकिन पर्याप्त वर्क आर्डर न मिलने से इनकी उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है जिससे रोजगार प्रभावित हो रहा है। ऐसे में शीघ्र नीतिगत हस्तक्षेप किया जाए ताकि उचित कार्यादेश मिल सकें।
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