यूपी के जिलों में ई-ऑफिस सिस्टम की अनदेखी पर नाराज हुए मुख्य सचिव, वेतन रोकने की दी चेतावनी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/15/article/image/up-government-1768448299229.jpgराज्य ब्यूरो, लखनऊ। कई जिलों में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू न होने पर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने नाराजगी जताई है। मुख्य सचिव ने कहा कि जो अधिकारी एवं कर्मचारी नियमित रूप से इस व्यवस्था का उपयोग नहीं कर रहे हैं, उनका वेतन रोका जा सकता है। उन्होंने अब तक जिन कर्मियों ने ई-ऑफिस पर लागिन तक नहीं किया है, उनका वेतन जारी न किया जाए। उन्होंने प्रदेश की सभी तहसीलों को एक माह के भीतर ई-ऑफिस से जोड़ने के भी निर्देश दिए।
बुधवार को सभी कमिश्नर, डीएम व पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियाे कान्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव ने कहा कि ई-ऑफिस को सभी जिलों में प्रभावी रूप से लागू किया जाना अनिवार्य है। कई जिलों में इसके लागू होने के बाद भी समुचित प्रयोग नहीं किया जा रहा है।
निर्देश दिए कि कमिश्नर और डीएम कार्यालयों में मैनुअल व्यवस्था के स्थान पर ई-ऑफिस के माध्यम से ही फाइलें स्वीकार की जाएं। जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस अब सभी सीडीओ की वार्षिक गोपनीय आख्या का हिस्सा होगा, इसलिए सभी अपने कार्यालयों सहित विकास से जुड़े सभी कार्यालयों में इसे अनिवार्य रूप से लागू कराएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद के ‘गोल्डन आवर’ में पीड़ितों को समय पर और कैशलेस उपचार योजना के तहत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था हो। यह सुविधा आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े अस्पताल में उपलब्ध होगी। इसके तहत हाटस्पाट क्षेत्रों में स्थित अस्पतालों को चिह्नित कर सूचीबद्ध किया जाए।
उन्होंने सभी सबंधित विभागों को इसके लिए समन्वय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिला मुख्यालयों, तहसील मुख्यालयों एवं विकास खंड मुख्यालयों पर स्थायी हेलीपैड नहीं हैं, वहां एक सप्ताह के भीतर लोक निर्माण विभाग को प्रस्ताव उपलब्ध कराए जाएं। स्थल चयन के समय उड्डयन मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्य सचिव ने फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा करते हुए पीएम किसान योजना के शत-प्रतिशत लाभार्थियों को इससे जोड़ने का काम 31 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। आयुष्मान कार्ड से छूटे परिवारों व सदस्यों को जोड़ने के लिए 90 दिवस का विशेष अभियान चलाने को भी कहा गया।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा उपनिरीक्षक, आरक्षी एवं होमगार्ड्स के पदों पर भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। इसके लिए परीक्षा केंद्रों से संबंधित वांछित सूचनाएं एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से बोर्ड को उपलब्ध कराई जाएं। मुख्य सचिव ने यूपी दिवस के आयोजन की तैयारियों के भी निर्देश दिए।
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