गोरखपुर में 55 लाख की भूमि ठगी, कलेक्ट्रेट से चेक लेकर फरार हुए जालसाज
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/15/article/image/thagi_-1768449781112.jpgमुख्यमंत्री जनता दर्शन में शिकायत करने पर कैंट पुलिस ने चार लोगों पर दर्ज किया मुकदमा। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। भूमि दिलाने के नाम पर जालसाजों ने 55 लाख रुपये की ठगी कर ली। कलेक्ट्रेट में पंजीकरण कराने के लिए बुलाकर पीड़ित से चेक लिया और फरार हो गए। मामले को लेकर सूर्यविहार कालोनी की सुंदरावती देवी ने थाने में शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़िता ने मुख्यमंत्री जनता दर्शन में पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया। जिसके बाद कैंट पुलिस ने चार जालसाजों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुंदरावती देवी के अनुसार चिलुआताल थाना के पोखरभिण्डा उर्फ करीम नगर निवासी ओमप्रकाश यादव की पत्नी निर्मला देवी से भूमि खरीदने की बात हुई थी। निर्मला देवी ने खुद को पोखरभिण्डा स्थित 1980 वर्ग फीट भूमि का मालिक बताया। पंसद आने के बाद 55 लाख 44 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। फिर 20 से 28 नवंबर 2025 के बीच सुंदरावती देवी के पति रमेश चंद यादव और बेटे प्रभात कुमार यादव के बैंक खातें में और नकद 27 लाख 80 हजार रुपये एडवांस दे दिया।
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शेष रकम खाते में लेने से इनकार कर दिया और नकद भुगतान का दबाव बनाया। इसके बाद निर्मला देवी, पति, बेटा और सहयोगी इन्द्रेश के साथ कलेक्ट्रेट कचहरी पहुंची। वहां शेष 27 लाख 61 हजार रुपये चेक लिया। इस दौरान विक्रय विलेख भी तैयार कराया गया, जिस पर विक्रेता और क्रेता के हस्ताक्षर व अंगूठा निशानी कराई गई तथा गवाहों के रूप में भी आरोपित पक्ष के लोगों के नाम दर्ज किए गए।
लेकिन, चेक लेने के कुछ ही देर बाद सभी आरोपित कलेक्ट्रेट परिसर से गायब हो गए। तैयार विक्रय विलेख को रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत भी नहीं किया गया। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर आरोपितों की तलाश की जा रही है।
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