अकाल तख्त में आज पेश होंगे मुख्यमंत्री मान, धार्मिक टिप्पणियों पर जत्थेदार गड़गज के समक्ष रखेंगे पक्ष
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/15/article/image/4A-1768454426440.jpgअमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब कार्यालय में सीएम भगवंत मान के आने से पहले सुरक्षा कड़ी की गई है।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। मुख्यमंत्री भगवंत मान आज सिखों की सर्वोच्च धार्मिक सत्ता श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हो रहे हैं। वे अपने हालिया बयानों में सिख मर्यादा, एक आपत्तिजनक वीडियो और गोलक समेत दूसरे सिख मुद्दों पर की बयानबाजी को लेकर तलब किया है। वह टिप्पणियों को लेकर अपना पक्ष जत्थेदार के समक्ष रखेंगे।
यह पेशी धार्मिक ही नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री की पेशी को लेकर श्री हरिमंदिर साहिब परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। पंजाब पुलिस और शिरोमणि गुरुद्वार प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सेवादारों की टीमों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी भीड़ या अप्रत्याशित स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। बताया गया है कि सीएम मान की उपस्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
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श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय के बाहर मौजूद एसजीपीसी सेवादार।
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समय में लगातार हो रहा बदलाव
मुख्यमंत्री की पेशी का समय लगातार बदलता रहा। पहले उन्हें सुबह 10 बजे बुलाया गया था, फिर समय बदलकर शाम 4:30 बजे कर दिया गया। इसके बाद गुरुवार सुबह 11 से 11:30 बजे के बीच पेश होने का समय तय हुआ, लेकिन इसे भी बदलते हुए अब दोपहर 12 बजे का अंतिम समय निर्धारित किया गया है।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मुख्यमंत्री की पेशी पर सहमति दे दी। अमृतधारी सिख न होने की वजह से मुख्यमंत्री सीधे अकाल तख्त की फसील में पेश नहीं होंगे, बल्कि अकाल तख्त साहिब सचिवालय में जत्थेदार के सामने अपना पक्ष रखेंगे।
लापता स्वरूपों की बरामदी के बाद भड़का मुद्दा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने सिख मर्यादा पर आपत्तिजनक बयान के लिए 15 जनवरी 2026, यानी कि आज सचिवालय में पेश होने का समन दिया। विवाद सहजधारी सिख जसबीर जस्सी के शबद कीर्तन पर 27 दिसंबर 2025 को भड़का, जब जत्थेदार ने आपत्ति जताई।
29 दिसंबर को चंडीगढ़ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मान ने कहा कि सहजधारी शबद न गा सकें तो गुरु की गोलक में दान या मत्था टेकने से भी रोक दें, जिसे सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना गया। इसमें दसवंध, लापता गुरु ग्रंथ साहिब स्वरूपों पर FIR और भिंडरांवाले तस्वीर विवाद भी जुड़े। समन 4-5 जनवरी को जारी हुआ। जिसके बाद मुख्मंत्री मान विनम्र सिख के रूप में सबूतों संग पेश हो रहे हैं।
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