24×7 मॉनिटरिंग, डीपफेक पहचान और धोखाधड़ी से बचाव; स्वदेशी AI अरिस्टा साइबर कॉप बनेगा दुनिया का साइबर सुरक्षा कवच
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/15/article/image/Jagran-News-(150)-1768455682981.jpgसेक्टर-55 स्थित रेडिसन होटल में आयोजित कार्यशाला में मौजूद लोग। सौ. आयोजक
जागरण संवाददाता, नोएडा। नोएडा में सेक्टर-55 स्थित होटल रेडीसन में बुधवार को आद्यंत लैब ने लगातार बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी से लोगों को सुरक्षित करने के लिए पहला एआई संचालित अरिस्टा साइबर कॉप लॉन्च किया।
कंपनी के सीईओ डॉ. कुणाल सिंह बेरवार ने स्वदेशी ऐप की विशेषताएं और तकनीकी कार्यों पर गहनता से प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने दावा किया, ऐप केवल भारत नहीं बल्कि, विश्व के देशों को साइबर खतरों से सुरक्षा प्रदान करेगा।
उन्होंने बताया कि ऐप प्रणाली साइबर सुरक्षा टूल्स से अलग पूर्वानुमानात्मक, सक्रिय और निवारक तीन-स्तरीय सुरक्षा माडल पर आधारित है, जिसे एआई संचालित करता है। साइबर सुरक्षा पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती है। इसे ध्यान रखते हुए टीम ने संघर्ष से अरिस्टा साइबर कॉप तैयार किया। यह मेड इन इंडिया और मेड बाय इंडियंस ऐप युवाओं को रोजगार देने की दिशा में भी कार्य करेगा।
इसकी विशेषता है कि 24 घंटे साताें दिन रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, एआई-संचालित वायरस, मालवेयर, रैनसमवेयर और स्पायवेयर से सुरक्षा शामिल है। यह ऐसी प्रणाली है, जो वॉयस कॉल फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और एआई जनित डीपफेक वायस काल्स की पहचान कर सकती है। साथ ही रीयल-टाइम वित्तीय दस्तावेज सत्यापन तंत्र बैंक स्टेटमेंट, इनवाइस और अनुबंधों में होने वाली जालसाजी को तुरंत पकड़ने में सक्षम है।
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उन्होंने कहा कि पुलिस और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञों के सहयोग के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार के उच्च अधिकारियों से वार्ता चल रही है।
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