रोहू हो या कतला...मछली पालकों को भारी पड़ेगी ये गलती, इतना पानी काफी, ले डूबेगी तालाब की दिशा
कन्नौज. मछली पालन मुनाफे का सौदा बनकर सामने आया है. यूपी में ये जोर पकड़ चुका है. अगर किसान कुछ जरूरी तकनीकी नियमों को ध्यान में रखें, तो वे कम समय में अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे पहली और बड़ी गलती तालाब के आकार को लेकर होती है. कन्नौज मत्स्य विभाग के मुताबिक, मछली पालन के लिए तालाब की लंबाई कम से कम 0.2 हेक्टेयर और उसकी दिशा पूर्व-पश्चिम होनी चाहिए. इससे धूप का संतुलित प्रवाह मिलता है और तालाब में जल का तापमान नियंत्रित रहता है. पानी की गहराई भी मछली पालन में अहम भूमिका निभाती है.https://www.deltin51.com/url/picture/slot2587.jpg
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