कैरव गांधी अपहरण कांड: 36 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली, खौफ के साये में आदित्यपुर के उद्यमी
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/15/article/image/sudhirrr-1768461577280.jpgसुधीर सिंह, उपाध्यक्ष एसिया
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। युवा उद्यमी कैरव Gandhi के अपहरण की घटना को 36 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक किसी ठोस सुराग तक नहीं पहुंच पाई है। इस घटना ने एशिया के सबसे बड़ेऔद्योगिक क्षेत्रों में शुमार आदित्यपुर में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है और उद्यमियों के बीच भारी असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। (Kairav gandhi apaharan kand) उद्यमियों का कहना है कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र राज्य के राजस्व और रोजगार का मुख्य केंद्र है। यहां होने वाला बड़ा वित्तीय लेन-देन अब अपराधियों को आकर्षित कर रहा है।(“Gandhi parivar“ me sankat) \“इसरो\“ (ISRO) के अध्यक्ष रुपेश कतरियार ने कहा कि गांधी परिवार की कंपनी सरायकेला में है और घर जमशेदपुर में, ऐसे में दोनों जिलों की पुलिस और राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि बच्चे को सकुशल वापस लाएं। एशिया (ASIA) के पूर्व अध्यक्ष संतोष खेतान ने दो टूक कहा कि उद्यमी राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि वे ही सुरक्षित नहीं हैं, तो राज्य सुरक्षित नहीं कहलाएगा। (“Gandhi parivar“ me sankat) वहीं, उपाध्यक्ष सुधीर सिंह ने चिंता जताई कि ऐसी घटनाओं से नई पीढ़ी अपने पारिवारिक व्यवसाय से जुड़ने से डरेगी और प्रतिभा का पलायन होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए \“इंडस्ट्रियल इस्टेबिलिटी एंड रिफार्म्स आर्गेनाइजेशन\“ (ISRO) ने निर्णय लिया है कि उनका प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां के पुलिस कप्तानों से मुलाकात करेगा। (“Gandhi parivar“ me sankat) महासचिव संदीप मिश्रा के अनुसार, यदि इस मामले का त्वरित उद्भेदन नहीं हुआ, तो नए निवेश रुक जाएंगे और औद्योगिक विकास पूरी तरह बाधित हो जाएगा।
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