MMUT छात्र का पांच टुकड़ों में बंटा जबड़ा, गोरखपुर एम्स में सफल ऑपरेशन से जोड़ा गया
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/15/article/image/mmmut-(1)-1768464334848.jpgमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। साथी के हमले में घायल मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र का जबड़ा पांच टुकड़ों में बंट गया था। सिर में लगी चोटों को ठीक करने के लिए 20 टांके लगाने पड़े।
प्रयागराज जिले के यमुनानगर थाना अंतर्गत मांडा के ग्राम बभनी हेथार निवासी 19 वर्षीय शिवांश पांडेय और लखीमपुर खीरी जिले के फूलबेहड़ थाना अंतर्गत श्रीनगर निवासी आशीष कुमार प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में बीटेक कंप्यूटर साइंस प्रथम वर्ष के छात्र हैं।
दोनों छात्रावास के कमरा नंबर जी-24 में रहते हैं। शिवांश पांडेय ने बताया कि दो जनवरी की रात तकरीबन 2:30 बजे वह पढ़ाई करने के बाद अपने बिस्तर पर सो गया था। इसी दौरान आशीष ने ईंट से सिर पर कई बार वार किया। चीख सुनकर आसपास के छात्र मौके पर पहुंचे और तत्काल मदद की। एम्स में शिवांश का उपचार चल रहा है। उसके चेहरे, जबड़े और सिर में गंभीर चोटें आईं हैं।
तीन घंटे चला ऑपरेशन
दंत रोग विभाग के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन व असिस्टेंट प्रोफेसर डा. शैलेश कुमार ने एनेस्थीसिया टीम के सहयोग से छात्र का आपरेशन किया। तीन घंटे से अधिक समय तक चली इस जटिल आपरेशन में टूटे जबड़े और चेहरे की हड्डियों को स्क्रू और प्लेट की सहायता से सफलतापूर्वक जोड़ा गया। साथ ही सिर में आए घावों को ठीक करने के लिए 20 से अधिक टांके लगाए गए। दंत विभाग के डा. श्रीनिवास ने सफल आपरेशन पर पूरी चिकित्सा टीम को बधाई दी।
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यह रहे ऑपरेशन में शामिल
आपरेशन में दंत रोग विभाग के सीनियर रेजीडेंट डा. प्रवीण कुमार एवं जूनियर रेजिडेंट डा. प्रियंका, डा. सुमित और डा. सौरभ शामिल रहे। एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डा. संतोष शर्मा, एडिशनल प्रोफेसर डा. भूपिंदर सिंह और एसोसिएट प्रोफेसर डा. सीमा ने निश्चेतना सेवा दी। आपरेशन में नर्सिंग आफिसर पंकज देवी एवं प्रतिभा का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इंजीनियरिंग छात्र का जबड़ा पांच टुकड़ों में बंट गया था। सिर में भी काफी चोट थी। कार्यकारी निदेशक के मार्गदर्शन में तत्काल आपरेशन किया गया। अब छात्र तेजी से ठीक हो रहा है।
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-डा. शैलेश कुमार, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन, दंत रोग विभाग, एम्स
यह प्रकरण एम्स की आपातकालीन चिकित्सा क्षमता, विशेषज्ञ टीमवर्क और आधुनिक सर्जिकल सुविधाओं का सशक्त उदाहरण है। गंभीर रूप से घायल छात्र को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिल सका। डा. शैलेश कुमार की टीम को बहुत बधाई।
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-डा. विभा दत्ता, कार्यकारी निदेशक, एम्स
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