सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेज : 60 हजार पुलिसकर्मियों को मिलेगा 3D प्रशिक्षण, शिप्रा के घाटों पर स्नान से लेकर भीड़ प्रबंधन के बारे में विशेष सीख
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/15/article/image/simhastha-P-215632-1768484271251.jpgउज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ की तैयारियां जारी हैं। (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, भोपाल। उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर तैयारियां अभी से तेज हो गई हैं। पहली बार सिंहस्थ ड्यूटी में तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के स्नान व्यवहार, सुरक्षा और संवेदनशील प्रबंधन को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस प्रशिक्षण में यह भी सिखाया जाएगा कि कोई श्रद्धालु शिप्रा नदी में स्नान के दौरान कितनी देर तक जल में रह सकता है, समय सीमा पूरी होने पर क्या कदम उठाने हैं और किसी के बाहर न आने की स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया देनी है।
22 किमी लंबे घाट, 3D तकनीक से होगी ट्रेनिंग
इस सिंहस्थ में पहली बार शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर कुल 22 किलोमीटर लंबे घाटों में स्नान की व्यवस्था होगी। इतनी बड़ी और जटिल व्यवस्था को देखते हुए पुलिसकर्मियों को थ्री-डी तकनीक के जरिए घाटों का वर्चुअल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
घाटों के वीडियो तैयार कर उन्हें भौगोलिक स्थिति, रास्तों और संवेदनशील स्थानों की जानकारी दी जाएगी, ताकि मौके पर पहुंचते ही पुलिसकर्मी पूरी तरह तैयार रहें।
यह भी पढ़ें- महाकुंभ से सुर्खियों में आईं हर्षा रिछारिया ने छोड़ी धर्म-अध्यात्म की राह, बताई यह वजह
श्रद्धालुओं से व्यवहार पर रहेगा खास फोकस
प्रशिक्षण का दूसरा सबसे अहम पहलू होगा पुलिस का श्रद्धालुओं के प्रति व्यवहार। एक से दो दिन के प्रशिक्षण सत्र में यह सिखाया जाएगा कि
[*]व्यवस्था बनाए रखने के लिए टोकना जरूरी है
[*]लेकिन भाषा और व्यवहार अत्यंत सौम्य और सहयोगी होना चाहिए
80 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी होंगे तैनात
सिंहस्थ 2028 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में लगभग 60 हजार पुलिसकर्मी मध्य प्रदेश के होंगे। 20 हजार अर्द्धसैनिक बल और अन्य राज्यों की पुलिस तैनात की जाएगी।
प्रयागराज महाकुंभ के नवाचार भी शामिल
सिंहस्थ को लेकर पुलिस मुख्यालय ने विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार कर लिया है, जिसमें प्रयागराज महाकुंभ में अपनाए गए नवाचारों और आधुनिक तकनीकों को भी शामिल किया गया है।
इसके अलावा प्रशिक्षण में
[*]भीड़ प्रबंधन
[*]सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर नियंत्रण
[*]आगजनी और आपदा प्रबंधन
[*]जैसे विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
यहां से होगी शुरुआत
प्रशिक्षण की शुरुआत पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में ट्रेनिंग ले रहे लगभग 5 हजार आरक्षकों से की जाएगी।
[*]वर्ष 2026 में 1–2 दिन का प्रशिक्षण
[*]वर्ष 2027 में 5–7 दिन का विस्तृत प्रशिक्षण
दिया जाएगा। इसके लिए विशेष मुख्य प्रशिक्षक भी तैयार किए जाएंगे।
सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की दिशा में यह प्रशिक्षण व्यवस्था एक बड़ा और अहम कदम माना जा रहा है।
Pages:
[1]