आईजीआई एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, ए350 के इंजन में घुसा कार्गो कंटेनर; इंजन में फॉरेन ऑब्जेक्ट डैमेज
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/15/article/image/ai-1768493523939.jpgविमान के दाएं इंजन को नुकसान पहुंचा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ईरान के एयरस्पेस बंद होने के बाद नई दिल्ली से न्यूयार्क जा रही एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआई101 जब वापस नई दिल्ली पहुंची, तब विमान के साथ बड़ी घटना हुई। लैंडिंग के बाद घने कोहरे में विमान जब टैक्सी की प्रक्रिया से गुजर रहा था, तभी उसके इंजन में एक बाहरी वस्तु जा घुसा। इस बाहरी वस्तु को एक कार्गो कंटेनर बताया जा रहा है। बाहरी वस्तु के इंजन में चले जाने के कारण विमान के दाएं इंजन को नुकसान पहुंचा। एअर इंडिया का कहना है कि विमान को सुरक्षित रूप से निर्धारित पार्किंग स्टैंड पर ले जाया गया और सभी यात्रियों व क्रू सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
रिफंड देने का आश्वासन दिया
विमान को अब गहन जांच और मरम्मत के लिए ग्राउंडेड कर दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि इससे एअर इंडिया के ए350 विमानों से संचालित कुछ चुनिंदा मार्गों पर संभावित व्यवधान आ सकता है। एयर इंडिया ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था तथा रिफंड की सुविधा प्रदान करने का आश्वासन दिया है। एयरलाइन ने कहा कि वह यात्रियों की मदद के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है।
एयर साइड की देखरेख पर सवाल
ए350 जैसे वाइड-बाडी विमानों के इंजन की सक्शन पावर (खींचने की ताकत) बहुत मजबूत होती है, और घने कोहरे में ग्राउंड हैंडलिंग के दौरान सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। इस तरह की घटनाएं पहले भी कुछ अन्य हवाई अड्डों पर हो चुकी हैं, जो एयरसाइड सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं। हादसे के बाद आइजीआइ एयरपोर्ट पर जांच शुरू कर दी गई है। डीजीसीए और एयरलाइन की टीम घटना के कारणों की विस्तृत पड़ताल कर रही है।
कई तरह के हो सकते हैं नुकसान
जब किसी जेट इंजन में कोई बाहरी वस्तु (फारेन आब्जेक्ट) खिंच जाती है, तो इसे फारेन आब्जेक्ट डैमेज कहते हैं। यह विमान इंजन के लिए काफी गंभीर समस्या हो सकती है, खासकर बड़े वाइड-बॉडी विमानों जैसे एयरबस ए350 में, जहां इंजन बहुत शक्तिशाली होते हैं और इनका सक्शन (खींचने की ताकत) बहुत ज्यादा होता है।
फैन ब्लेड्स सबसे पहले होते हैं प्रभावित
इंजन में बाहरी वस्तु जाने से इसके फैन ब्लेड्स सबसे पहले प्रभावित होते हैं। एक बड़ा कार्गो कंटेनर (जो धातु या प्लास्टिक/कंपोजिट से बना होता है) ब्लेड्स से टकराता है, जिससे ब्लेड्स में डेंट, क्रैक, बेंडिंग या पूरी तरह टूटने की स्थिति बन सकती है। टूटे हुए ब्लेड के टुकड़े आगे के स्टेज (कंप्रेसर, टर्बाइन) में उड़कर और ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं।
इंजन में वाइब्रेशन
इंजन में वाइब्रेशन बढ़ जाता है, तापमान असामान्य हो जाता है, और ईंधन की खपत बढ़ सकती है। कुछ गंभीर मामलों में इंजन पूरी तरह बंद हो सकता है। ब्लेड के टुकड़े बाहर निकलकर विमान के अन्य हिस्सों (फ्यूजलाज, विंग) को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर इंजन में आग लग जाए या हाइड्रोलिक/फ्यूल सिस्टम प्रभावित हो, तो यह इमरजेंसी बन सकती है।
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