मुजफ्फरनगर साइबर पुलिस ने की कार्रवाई, युवकों को कंबोडिया भेजने वाले मानव तस्कर गिरोह के दो बदमाश गिरफ्तार
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/16/article/image/arrest1-1768501838318.jpgसांकेतिक तस्वीर
संवाद सहयोगी, मुजफ्फरनगर। विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर युवकों को कंबोडिया भिजवाकर भारतीयों के साथ ही साइबर ठगी कराने में अंतरराष्ट्रीय मानव तस्कर गिरोह सक्रिय है। इस नेटवर्क से जुड़े दो आरोपितों को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
आरोपितों ने हाल में ही दो युवकों को कंबोडिया भिजवाया था, वहां भारत विरोधी काम करने से इन्कार करने पर मारपीट, करंट के झटके देकर प्रताड़ित किया और लगभग 10 लाख रुपये ऐंठने के बाद छोड़ा था। यह गिरोह अब तक 50 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। मालूम चला है कि अकेले मुजफ्फरनगर के ही 15 लोग कंबोडिया में हैं, जिन्हें नौकरी का लालच देकर साइबर अपराध की दलदल में फंसा दिया गया है।
गुरुवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आस मोहम्मद उर्फ आशू निवासी गांव तावली और जावेद निवासी गांव खतौला थाना शाहपुर को गिरफ्तार किया। इनका साथी अनवर अहमद अंसारी निवासी मुहल्ला रहमतनगर मुजफ्फरनगर फरार है।
ये लोग विदेश में आकर्षक नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजने और वहां साइबर अपराध में धकेलने वाले अंतरराष्ट्रीय मानव तस्कर गिरोह के बदमाश हैं। यह लोग लालच देकर बेरोजगार युवकों को कंबोडिया भेजते हैं, वहां उनका पासपोर्ट जब्त कर लेते हैं और जबरन भारतीय लोगों के साथ साइबर ठगी का काम करवाते हैं।
आरोपित आस मोहम्मद ने बताया कि उसने जुलाई 2025 में ट्रैवल एजेंट का काम शुरू किया। एशिया पावर व एम घी वाला के माध्यम से युवकों को विदेश में भेजने का काम किया था। इनके जरिए अब तक छह व्यक्तियों को सऊदी अरब, कुवैत, दुबई भिजवा चुका है।
वहीं अनवर अंसारी के माध्यम से वसीम व मोईन को 20 दिसंबर को कंबोडिया भिजवाया था। वहां उन्हें परेशान किया तो पीड़ितों के स्वजन से रुपये ऐंठे और अनवर अंसारी को दिए। 26 दिसंबर को अनवर अंसारी पीड़ितों को वापस लाने कंबोडिया गया था। 10 जनवरी को मोईन व वसीम वापस अपने घर लौटे थे।
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