पाकिस्तान में मुस्लिम से शादी करने वाली भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर गिरफ्तार, लाहौर शेल्टर होम भेजा गया
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/16/article/image/jagran-photo-1768509756892.jpgपाकिस्तान में मुस्लिम से शादी करने वाली भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर गिरफ्तार (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नवंबर 2025 में गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर भारत से पाकिस्तान गए सिख तीर्थयात्रियों के जत्थे में शामिल 48 वर्षीय पंजाब की सरबजीत कौर अब विवादों में घिर गई हैं। कथित तौर पर उन्होंने पाकिस्तान में स्थानीय मुस्लिम व्यक्ति नासिर हुसैन से शादी कर ली, इस्लाम कबूल किया और अपना नाम नूर हुसैन रख लिया। अब उन्हें पाकिस्तानी पुलिस ने गिरफ्तार कर लाहौर के सरकारी आश्रय गृह (दारुल अमान) में भेज दिया गया है।
सरबजीत कौर कपूरथला जिले के अमानीपुर गांव की रहने वाली हैं। वे 4 नवंबर 2025 को 1,932 सदस्यों के सिख जत्थे के साथ अटारी-वाघा सीमा से पाकिस्तान पहुंची थीं। जत्था गुरु नानक देव जी के जन्मस्थान ननकाना साहिब सहित विभिन्न गुरुद्वारों के दर्शन के लिए गया था।
अधिकांश तीर्थयात्री कुछ दिनों बाद भारत लौट आए, लेकिन सरबजीत कौर लापता हो गईं। उनकी अनुपस्थिति 13 नवंबर को स्पष्ट हुई, जब उनका नाम पाकिस्तान के निकास रिकॉर्ड या भारत के प्रवेश रिकॉर्ड में नहीं मिला।
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, सरबजीत ने पाकिस्तान पहुंचने के अगले दिन (5 नवंबर) ही शेखूपुरा जिले (लाहौर से लगभग 50 किमी दूर) के नासिर हुसैन से निकाह कर लिया। निकाहनामा और एक वीडियो में वे स्वेच्छा से इस्लाम कबूल करने और शादी की बात कहती दिखीं।
उन्होंने दावा किया कि वे तलाकशुदा हैं, नासिर को 9 साल से जानती हैं और खुशी-खुशी शादी की है। उन्होंने भारतीय दूतावास से वीजा बढ़ाने और पाकिस्तानी नागरिकता के लिए आवेदन भी किया था।
कानूनी विवाद और गिरफ्तारी
[*]दंपति ने लाहौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर पुलिस पर घर में अवैध छापेमारी और शादी खत्म करने का दबाव डालने का आरोप लगाया।
[*]न्यायमूर्ति फारूक हैदर ने पुलिस को दंपति को परेशान न करने का आदेश दिया।
[*]लेकिन पंजाब पुलिस ने अदालत के आदेश की अनदेखी कर दंपति को गिरफ्तार कर लिया। सरबजीत को दारुल अमान (सरकारी आश्रय गृह) भेज दिया गया, जबकि नासिर हुसैन पुलिस हिरासत में हैं और एक मामले का सामना कर रहे हैं।
[*]पाकिस्तानी सूत्रों के अनुसार, सरबजीत को निर्वासित (deport) करने की कोशिश की गई, लेकिन वाघा-अटारी सीमा बंद होने से असफल रही।
Pages:
[1]