गाजियाबाद में निमोनिया से पांच दिन में दो बच्चों की मौत, स्वास्थ्य विभाग की निगरानी शून्य
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/15/article/image/Ghaziabad-Hospital-1768499101934.jpgतीनों अस्पतालों की ओपीडी में 3650 मरीज पहुंचे।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। सर्दी के साथ ही सांस लेने में परेशानी और निमोनिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले पांच दिन में निमोनिया से दो बच्चों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा निगरानी को कोई सर्वे और बचाव की पहल शुरू नहीं की है।
बृहस्पतिवार को बम्हैटा के रहने वाले संजय की छह माह की बेटी शिवानी को सांस लेने में परेशानी होने के बाद बेहोशी की हालत में जिला एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। जांच के बाद चिकित्सकों ने शिवानी को मृत घोषित कर दिया। बच्ची का प्राइवेट चिकित्सक द्वारा निमोनिया का इलाज चल रहा था।
इससे पहले सोमवार को ढ़ाई साल की समायरा की भी निमोनिया के चलते मौत हो गई थी। ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में रोज निमोनिया के दस से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। अवकाश के चलते तीनों अस्पतालों की ओपीडी 11 बजे तक ही चली। ओपीडी में 1273 मरीज पहुंचे।
सर्दी के चलते ओपीडी में सांस लेने में परेशानी, खांसी और गले में खरास के मरीजों के साथ त्वचा रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। निमोनिया के तीन मरीज भर्ती हैं। जिला एमएमजी अस्पताल, संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल और डूंडाहेड़ा अस्पताल की ओपीडी में कुल 150 बीमार बच्चे पहुंचे।
बुखार के 129 मरीजों में 20 बच्चे शामिल रहे। फिजिशियन डा. आलोक रंजन ने बताया कि सर्दी में बुखार,खांसी और सीने में दर्द की शिकायत बढ़ने लगती हैं। उनकी सलाह है कि सर्दी से बचाव को गरम कपड़े पहनें। पानी खूब पीयें। सुबह-शाम टहलने से बचें।
सांस लेने में परेशानी हाेने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंचकर चिकित्सक को दिखायें। सूप,चाय और काफी का सेवन करें। शराब एवं धूम्रपान बंद कर दें। सर्दी में रक्तचाप बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में तली हुई खाद्य सामग्री का सेवन न करें। बाहर का खाना न खायें।
34 बच्चों समेत 191 लोगों ने लगवाई एंटी रेबीज वैक्सीन
बृहस्पतिवार को सरकारी अस्पतालों में कुत्ते,बिल्ली और बंदरों के काटने पर 34 बच्चों समेत 191 लोगों ने एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई। रिपोर्ट के अनुसार जिला एमएमजी अस्पताल में 120 में से 24 बच्चों समेत 59 लोगों ने एआरवी की पहली डोज लगवाई। संयुक्त अस्पताल में 71 में 10 बच्चों समेत 17 लोगों ने एआरवी की पहली डोज लगवाई ।
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