छोड़ें धान-गेहूं की टेंशन! तालाब में पालें मछलियों की ये 6 किस्में... होगा 3 गुना मुनाफा! लगी रहेगी ग्राहकों की लाइन
लखीमपुर : किसान अब धान-गेहूं की पारंपरिक खेती छोड़कर मछली पालन की ओर रुख कर रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि कम समय में अधिक मुनाफा, लगातार नकदी आय और बाजार में बढ़ती मांग इसकी मुख्य वजह है. तालाबों में मछली पालन से सालभर में कई बार आय संभव है, जबकि परंपरागत फसल सीमित होती है. आमतौर पर मछली पालन के लिए अगस्त से अक्टूबर का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है. इस मौसम में तालाब में पर्याप्त पानी और प्राकृतिक आहार उपलब्ध रहता है. वैसे तो गर्मियों में भी मछली पालन किया जा सकता है, लेकिन तालाब में ऑक्सीजन और पानी की सही व्यवस्था जरूरी होती है.https://www.deltin51.com/url/picture/slot1459.jpg
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