deltin33 Publish time 1 hour(s) ago

उत्तराखंड में इन पांच अपराधों पर अब तुरंत सुनवाई, कैबिनेट ने 16 स्पेशल कोर्ट के गठन को दी मंजूरी

https://www.jagranimages.com/images/2026/01/16/article/image/crime-1768553181567.jpg

ड्रग्स, यौन अपराध, चेक बाउंस, मनी लांड्रिंग व भ्रष्टाचार पर अब त्वरित सुनवाई. Concept Photo



राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश में अब ड्रग्स, यौन अपराध, चेक बाउंस, मनी लांड्रिंग व भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित सुनवाई होगी। कैबिनेट ने इसके लिए प्रदेश में 16 विशेष न्यायालयों के गठन को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत देहरादून, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल में 16 विशेष न्यायालय सृजित किए जाएंगे। इनमें सात अतिरिक्त जिला एवं सत्र (एडीजे) न्यायालय और नौ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजीएम) न्यायालय होंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ वर्ष 2014 में एक याचिका की सुनवाई के दौरान दिए गए निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने विभिन्न प्रकार के गंभीर अपराधों की त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष न्यायालय खोलने की संस्तुति की थी।

इस क्रम में गृह विभाग ने विस्तृत प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा। इसमें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो ), नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, प्रिवेंशन आफ करप्शन एक्ट एवं प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिग एक्ट के वादों के शीघ्र निस्तारण को 16 विशेष न्यायालय खोलना प्रस्तावित किया गया। इसके तहत सात अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (एडीजे) और नौ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीएजेएम) विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। गृह विभाग ने इन न्यायालयों को क्रियाशील करने के लिए 144 पदों को सृजित करने का भी प्रस्ताव रखा। इसे कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।
अब दस्तावेजों के प्रमाणीकरण को विशेषज्ञ की जरूरत नहीं

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत अब न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने वाले दस्तावेजों की सूची व स्वरूप निर्धारण को विशेषज्ञ की आवश्यकता नहीं होगा। बशर्ते वादी व प्रतिवादी इसके लिए आपस में सहमत हों। इसके लिए गृह विभाग ने न्यायिक प्रक्रियाओं में दस्तावेजों की पहचान, प्रामाणिकता व सत्यापन से संबंधित अस्पष्टता का निवारण करे और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए दस्तावेजों की सूची प्रारूप नियमावली को कैबिनेट के सम्मुख रखा। जिसे कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।
खेल महाकुंभ के लिए पुरस्कार राशि पर कैबिनेट की मुहर

युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल इस वर्ष खेल महाकुंभ के तहत होने वाली विभिन्न प्रकार की चैंपियनशिप में पुरस्कार राशि प्रदान कर रहा है। विभाग ने इससे संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा। इसके अंतर्गत विधायक चैंपियनशिप ट्राफी के लिए एक लाख रुपये, सांसद चैंपियनशिप ट्राफी के लिए दो लाख रुपये और मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्राफी के लिए पांच लाख रुपये की पुरस्कार धनराशि देना प्रस्तावित किया गया। इस प्रस्ताव पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है।
नंधौर के साथ अन्य नदियों पर भी लागू होगी संशोधित बिक्री दर

औद्योगिक विकास (खनन) विभाग ने कुछ गत वर्ष गौला, कोसी, दाबका व नंधौर नदी से निकाले जाने वाले उपखनिज के लिए संशोधित दरें जारी की थीं। आदेश लागू करते समय इसमें केवल नंधौर शब्द ही अंकित हुआ। इससे अन्य नदियों में संशोधित दर लागू करने में विधिक परेशानी सामने आ रही थी। इसे देखते हुए खनन विभाग ने इसमें संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा। इसमें नंधौर एवं अन्य नदियां अंकित करना प्रस्तावित किया गया। इसे कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।

यह भी पढ़ें- सीएम धामी की अध्‍यक्षता में उत्तराखंड कैबिनेट बैठक संपन्‍न, उपनल और संविदा कर्मियों के लिए आई खुशखबरी

यह भी पढ़ें- पूर्व कैबिनेट मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी बोले- कांग्रेस की जमीन बंजर लेकिन उसके हाथ में अब भी बेवफाई का खंजर
Pages: [1]
View full version: उत्तराखंड में इन पांच अपराधों पर अब तुरंत सुनवाई, कैबिनेट ने 16 स्पेशल कोर्ट के गठन को दी मंजूरी

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com