जुम्मे की नमाज के बाद रील बनाते समय मस्जिद की छत से गिरा किशोर, गर्दन टूटते से हुई मौत
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/16/article/image/20_08_2025-death_24019508-1764670349735-1766481502442-1768560023035.webpजुम्मे की नमाज के बाद मस्जिद से गिरने पर युवक की मौत।
जागरण संवाददाता, नवांनगर (बलिया)। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के काजीपुर गांव में शुक्रवार को रील बनाने के जुनून ने एक और मासूम जान ले ली। जुम्मे की नमाज के बाद मस्जिद की छत से गिरने से 17 वर्षीय किशोर की गर्दन टूट गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे गांव को सन्न कर दिया। एक पल में खुशहाल परिवार मातम में बदल गया।
मृतक की पहचान समीर अंसारी पुत्र मोहिउद्दीन अंसारी (17) के रूप में हुई है। वह अपने माता-पिता के दो बेटों में छोटा था और परिवार की उम्मीदों का सहारा माना जाता था। बताया गया कि नमाज खत्म होने के बाद समीर मस्जिद की छत पर गया, जहां वह मोबाइल से रील बना रहा था।
इसी दौरान संतुलन बिगड़ने पर वह छत से नीचे गिर पड़ा और सीधे जमीन से जा टकराया। गिरने की चोट इतनी भीषण थी कि उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई और वह अचेत हो गया।
हादसे की तेज आवाज सुनते ही मस्जिद में मौजूद लोग और आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। खून से लथपथ समीर को आनन-फानन में आनंद-खनन मार्ग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सकों ने साफ कहा कि गर्दन टूटने के कारण समीर की मौत पहले ही हो चुकी थी। बेटे की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। मां बेटे की लाश से लिपटकर बेसुध हो गई, जबकि पिता सदमे में टूट गए।
गांव के लोग बड़ी संख्या में अस्पताल और मृतक के घर पहुंच गए। हर आंख नम थी और हर जुबान पर एक ही सवाल है कि रील का यह जुनून आखिर कब थमेगा?
घटना के बाद काजीपुर गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि युवाओं में सोशल मीडिया और रील बनाने का बढ़ता पागलपन अब जानलेवा साबित हो रहा है।
यह हादसा समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक कड़ी चेतावनी है कि रील के नाम पर जान जोखिम में डालने की प्रवृत्ति पर अब रोक लगानी होगी।
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