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पंचायत और विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का नया दांव, अगले स्टेप का भी मिल गया हिंट

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राजनीति में संकेतों के बड़े मायने हैं और भाजपा इसकी माहिर खिलाड़ी मानी जाती है। पार्टी ने जहां मनरेगा का नाम विकसित भारत-जी राम जी रखकर एक धार्मिक और भावनात्मक धरातल खड़ा करने का प्रयास किया है, वहीं हाइवे, एक्सप्रेसवे, ई मंडी और जियो टैगिंग के जमाने में अगर जी राम जी कानून के प्रचार के लिए भाजपा गांवों में बैलगाड़ी व ट्रैक्टर रैली, किसान पदयात्रा और चौपाल की तरफ लौटी है तो मायने साफ हैं। शहरी छवि से इतर भाजपा गांवों को मथने निकलेगी।

पार्टी इस बहाने जहां 2024 लोकसभा चुनाव में गांवों में मिले झटकों से उबरना चाहेगी, वहीं पंचायत चुनाव के जरिए मिशन-2027 के लिए जमीन उर्वर बनाने का प्रयास है। चूंकि सबसे ज्यादा जाब कार्ड अनुसूचित वर्ग के बने हैं ऐसे में पार्टी ने जी राम जी अभियान से अनुसूचित एवं किसान र्माचा दोनों को जोड़ा है।

भाजपा नगर निकायों में बेहतर प्रदर्शन करती रही है, लेकिन क्षेत्र एवं ग्राम पंचायत में पार्टी पूर अंक नहीं जुटा पाई। पिछली बार तीन कृषि कानूनों के विरोध की हवा में कमल पूरी तरह खिल नहीं पाया, वहीं इस बार भी विरोधी दलों ने जीरामजी एवं पीडीए के मुद़्दे पर भाजपा की घेरेबंदी तेज की है।

भाजपाइयों के माथे पर चिंता की लकीरें गाढ़ी हो रही हैं। उन्हें विरोधियों के नैरेटिव से खेल बिगड़ने की आशंका सता रही है इसीलिए भाजपा गांवों में तंबू गाड़ने जा रही है। चूंकि 80 प्रतिशत आबादी आज भी गांवों में रहती है ऐसे में उनके बीच लगातार उपस्थित रहने के लिए भाजपा किसान एवं श्रमिक चौपाल लगाने के साथ ही घर-घर संपर्क करेगी।

किसान मजदूर संगठनों से संपर्क कर उन्हें जीरामजी को लेकर सहमत किया जाएगा। एनडीए शासित राज्यों के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रियों का जिलों में दौरा तय किया गसा है। 13 जनवरी को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पार्टी ने विकसित भारत-जीरामजी की कार्यशाला की, जिसमें पूरा खाका रखा गया।

भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने आशंका जताया कि इसका भी कृषि कानून की तरह विरोध हो सकता है, ऐसे में पार्टी विरोधियों के हर प्रकार के नैरेटिव की काट खोजेगी। इसी बहाने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का लिटमस टेस्ट पास कर भाजपा 2027 की चुनावी पिच बनाने का प्रयास करेगी। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल का कहना है कि ग्रामीण भारत को संपन्न करके ही विकसित भारत-2047 का लक्ष्य सधेगा, जिसमें जी राम जी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होगी।
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