बापू की कर्मभूमि से सीएम ने बताया समृद्धि का रोडमैप, बिना नाम लिए विपक्ष को कहा ‘बेकाम’
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/16/article/image/CM-Nitish-smridhi-yatra-1768578048171.webpBihar Politics: इशारों में विपक्ष को साधा और जनता को प्रचंड बहुमत के लिए दिया धन्यवाद।
मनोज कुमार मिश्र, बेतिया (पश्चिम चंपारण)। Nitish Kumar, Samriddhi Yatra: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कर्मभूमि चंपारण से ‘समृद्धि यात्रा’ की औपचारिक शुरुआत कर अगले पांच वर्षों का विकास रोडमैप जनता के सामने रखा।
वर्ष 2005 में न्याय यात्रा के बाद चंपारण से शुरू होने वाली यह मुख्यमंत्री की 16वीं यात्रा है। चंपारण से यात्रा शुरू कर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट राजनीतिक संदेश दिया कि यह इलाका सरकार की प्राथमिकताओं में हमेशा शीर्ष पर रहा है।
समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री सुबह करीब 11:30 बजे कुमारबाग पहुंचे। यहां उन्होंने बियाडा परिसर स्थित उद्योग और इकोनामिक जोन में विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया। इसके बाद औद्योगिक स्टॉलों का निरीक्षण कर राज्य में उद्योग, निवेश, पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं को मजबूती से सामने रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन रुकेगा।
कृषि भी रहेगी सरकार की प्राथमिकता
कुमारबाग कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से बेतिया के रमना मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने कृषि मेला का उद्घाटन किया। कृषि मेला के जरिए मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि अगले पांच वर्षों में कृषि भी सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी। उन्होंने किसानों से जुड़ी योजनाओं और आधुनिक तकनीकों पर जोर देते हुए कृषि को समृद्धि का मजबूत आधार बताया।
प्रगति यात्रा की घोषणाओं की समीक्षा
रमना मैदान में ही मुख्यमंत्री ने जिले के वरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पूर्व की प्रगति यात्रा में की गई घोषणाओं समेत सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
40 मिनट के संबोधन में विकास का विजन
रमना मैदान में आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने करीब 40 मिनट तक जनता को संबोधित किया। उन्होंने वर्ष 2005 से अब तक एनडीए सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा और बीते चुनाव में प्रचंड बहुमत के लिए जनता को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का भी राज्य को भरपूर सहयोग मिल रहा है।
इशारों में विपक्ष पर हमला
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में किसी विपक्षी दल या नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन इशारों में विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जब वे सत्ता में आए थे, तब बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। पूर्ववर्ती सरकारों के समय अपराध का बोलबाला था, शाम के बाद लोग घर से बाहर निकलने से डरते थे। पढ़ाई, इलाज और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी। सत्ता में आने के बाद सरकार ने कानून-व्यवस्था को सुधारा और समाज के हर वर्ग के लिए काम किया।
अगले पांच वर्षों का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में बिहार को देश के शीर्ष राज्यों की श्रेणी में शामिल करना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए दोगुना रोजगार-दोगुनी आय, समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार, जाति आधारित गणना में चिन्हित आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आर्थिक सहायता, महिला उत्थान, कृषि, डेयरी, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर विशेष फोकस किया जाएगा।
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