धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा में NEP 2020 की समीक्षा की, 2026-27 से लागू होंगी 55 नई NCERT की पुस्तकें
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/17/article/image/Dharmendra-Pradhan-(3)-1768592400434.webpकेंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा में एनईपी 2020 की समीक्षा की। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा में पाठ्यक्रम सुधार और पाठ्यपुस्तक विकास से संबंधित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में भाग लिया। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी) 2020 के क्रियान्वयन तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप नई पाठ्यपुस्तकों को लागू करने की राज्य की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में विद्यालय एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अतिरिक्त सचिव अर्चना शर्मा अवस्थी, स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग के आयुक्त-सह-सचिव डॉ. एन. तिरुमाला नायक, ओएसईपीए की एसपीडी अनन्या दास, टीई एंड एससीईआरटी के निदेशक मनोज कुमार पाढ़ी, प्राथमिक शिक्षा निदेशक बालमुकुंद भुइयां, एनसीईआरटी के वरिष्ठ संकाय सदस्य तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य के सभी 30 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीआईईटी के प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालयों, जवाहर नवोदय विद्यालयों, ओडिशा आदर्श विद्यालयों और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
राज्य सरकार ने अवगत कराया कि एनइपी 2020 के अनुरूप ओडिशा नई पाठ्यपुस्तकों का विकास कर रहा है और शैक्षणिक सत्र 2026–27 से कक्षा एक से कक्षा 8 तक की 55 नई पाठ्यपुस्तकें लागू की जाएंगी। ये पुस्तकें एनसीईआरटी की सामग्री का अनुवाद एवं स्थानीयकरण कर ओडिशा की आवश्यकताओं, संस्कृति और विरासत के अनुरूप तैयार की गई हैं।
बैठक के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने पाठ्यक्रम विकास तथा जिलों में मास्टर रिसोर्स पर्सन के क्षमता निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिला अधिकारियों को छात्रों और अभिभावकों को नई पाठ्यपुस्तकों के प्रति जागरूक एवं उत्साहित करने हेतु सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की सलाह दी। इस अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए चार प्रमुख सुझाव दिए।निपुण भारत को प्राथमिकता देते हुए आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करना।
कक्षा पांच तक मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना।पीएम-पोषण योजना को और सशक्त बनाते हुए छात्र पोषण पर विशेष ध्यान देना।एनईपी 2020 के अनुरूप कक्षा कक्षा 6 से 9 तक प्रति वर्ष 10 बैगलेस स्कूल दिवस के कार्यान्वयन का विस्तार करना। विद्यालय एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने राज्य सरकार का दृष्टिकोण साझा करते हुए बताया कि ओडिशा ने एनईपी 2020 के तहत 55 एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों का अनुवाद एवं स्थानीयकरण किया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने हेतु कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा एवं कल्याण, तथा व्यावसायिक शिक्षा- ये तीन नए विषय क्षेत्र शुरू किए गए हैं। उन्होंने जोर दिया कि ये सुधार केवल पाठ्यक्रम परिवर्तन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के भविष्य और ओडिशा की प्रगति को आकार देने की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
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