कानपुर के स्कूलों-अस्पतालों के पास अब नहीं दिखेंगे बेसहारा कुत्ते! जिलाधिकारी ने दिया ये आदेश
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/17/article/image/dogs-news-supreme-court-1768597505773.webpजागरण संवाददाता, कानपुर। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन के लिए जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने जनपद के स्कूलों, अस्पतालों, स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों को आवारा कुत्तों से मुक्त रखने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि सभी संवेदनशील और सार्वजनिक परिसरों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी नियंत्रित की जाए और इसके लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो। शहर के प्रत्येक स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स अपने स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेगा।
नोडल अधिकारी नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि परिसर के भीतर आवारा कुत्तों का प्रवेश न हो। किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल नगर निगम से समन्वय कर समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह विषय केवल स्वच्छता या सुविधा का नहीं, बल्कि आमजन, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है।
नगर निगम के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी आरके निरंजन ने बताया कि नगर निगम सीमा में लगभग 1.36 लाख कुत्ते हैं, जिनमें से 84 हजार से अधिक आवारा कुत्तों का स्टरलाइजेशन किया जा चुका है। शेष कुत्तों का स्टरलाइजेशन चरणबद्ध तरीके से कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्टरलाइजेशन अभियान में पशु प्रेमियों को भी जोड़ा जाए तथा संवेदनशील स्थानों की प्राथमिकता सूची तैयार कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए। बैठक में एडीएम सिटी डा. राजेश कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
Pages:
[1]