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हर बूंद हो स्वच्छ, हर घूंट हो स्वस्थः आप जो पानी पी रहे हैं, वह कितना शुद्ध? पेयजल विभाग ने कर दी जांच की व्यवस्था

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स्वास्थ्य के स्वस्थ जल जरूरी।



जागरण संवाददाता, धनबाद। Dhanbad Water Quality: आप जो पानी पी रहे हैं, वह कितना शुद्ध है? उसमें टीडीएस और आयरन की मात्रा कितनी है? इसकी जानकारी से आम लोग काफी हद तक अनभिज्ञ हैं।

पानी के सतत और सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए भूजल की गुणवत्ता का आकलन करना बेहद जरूरी है। हालांकि, कोयला खनन क्षेत्र धनबाद में पानी की समग्र गुणवत्ता का आकलन करना आसान नहीं है, क्योंकि यहां विभिन्न प्रकार के दूषित तत्वों में स्थानिक भिन्नता पाई जाती है और मापे जा सकने वाले संकेतकों की भी विस्तृत श्रृंखला है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यहां का पानी स्वास्थ्य के लिहाज से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। कुछ वर्ष पूर्व शहर के सात स्थानों- लुबी सर्कुलर, स्टील गेट, रेलवे स्टेशन, रणधीर वर्मा चौक, रंगाटांड़, बरटांड़ समेत अन्य इलाकों-से पानी के सैंपल लिए गए थे। इसका उद्देश्य बाजार आने-जाने वालों को प्यास लगने पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था।

इनमें से छह स्थानों के पानी के सैंपल लेकर भेलाटांड़ स्थित राज्यस्तरीय वाटर टेस्टिंग लैबोरेट्री में जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि पीएच को छोड़कर बाकी जरूरी तत्व ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) के मानकों के अनुरूप नहीं थे। बरटांड़ स्थित वाटर एटीएम के पानी में जरूरी तत्व सबसे कम पाए गए।
जरूरी तत्व मानक से कम या ज्यादा होना हानिकारक

ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स के अनुसार, शुद्ध पेयजल वही है जो हमारे शरीर के लिए उपयोगी हो। पानी में पीएच, टीडीएस, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फ्लोराइड आदि का संतुलित अनुपात होना जरूरी है। इन तत्वों का मानक से कम या ज्यादा होना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

यदि जरूरी तत्व मानक से कम हों तो ऐसा पानी पीने से बार-बार लघुशंका लग सकती है। कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा कम होने पर हड्डियां कमजोर होती हैं तथा थकावट और मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत हो सकती है।

टीडीएस कम होने से पाचन तंत्र प्रभावित होता है। एल्केलिनिटी कम होने से हीमोग्लोबिन पर असर पड़ता है। वहीं आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने से त्वचा संबंधी रोग हो सकते हैं।- शांत कुमार गोराई, क्वालिटी मैनेजर, वाटर टेस्टिंग लेबोरेट्री, भेलाटांड़
कुल 16 प्रकार की जांच की सुविधा दी

पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल ने आम लोगों के लिए कम दर पर पानी की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके तहत पानी की गंध, पीएच वैल्यू और पानी में घुले ठोस पदार्थ यानी टीडीएस की जानकारी मिल सकेगी। विभाग ने कुल 16 प्रकार की जांच की सुविधा दी है। भेलाटांड़ वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में जिला स्तरीय जल जांच प्रयोगशाला स्थापित की गई है, जहां आम लोग अपने पानी की जांच करा सकते हैं।

पानी में आठ प्रकार के कारकों की जांच का एक पैकेज भी उपलब्ध है, जिसमें आर्सेनिक, पूर्ण कोलीफॉर्म बैक्टीरिया और ई-कोलीफॉर्म या थर्मो टॉलरेंट कोलीफॉर्म बैक्टीरिया शामिल हैं। इसके अलावा गंध, रंग, पीएच वैल्यू, अवशिष्ट क्लोरीन, घुले ठोस पदार्थ (टीडीएस), गंदगी, पूर्ण क्षारीयता, पूर्ण खारापन, फ्लोराइड, क्लोराइड, आयरन, सल्फेट, नाइट्रेट आदि की भी जांच कराई जा सकती है।
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