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भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक संतुलन का आधार है वेदांत दर्शन, पढ़ें इसका महत्व

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Vedanta Philosophy benefits (AI Generated Image)



दिव्या गौतम, एस्ट्रोपत्री। सनातन धर्म में वेदांत दर्शन को जीवन की गहन समझ और आत्मिक शांति प्राप्त करने का सर्वोच्च मार्ग माना जाता है। यह दर्शन व्यक्ति के मानसिक (Vedanta mental peace) और भावनात्मक विकास में सहायक होने के साथ-साथ जीवन के उद्देश्य और कर्म की भूमिका को स्पष्ट करता है।

वेदांत दर्शन आत्मा, ब्रह्म और संसार के वास्तविक स्वरूप को समझने पर केंद्रित है। संस्कृत में इसे “वेदान्त” कहा जाता है, जिसका अर्थ है “वेदों का अंत”, क्योंकि यह वेदों का सार और निष्कर्ष प्रस्तुत करता है।
वेदांत दर्शन का मूल उद्देश्य

वेदांत दर्शन का मूल उद्देश्य आत्मा और परमात्मा की वास्तविकता को समझना है। यह दर्शन व्यक्ति को यह सिखाता है कि संसार में उत्पन्न सुख-दुख अस्थायी हैं और स्थायी शांति केवल आत्मज्ञान से प्राप्त होती है। वेदांत के अनुसार, प्रत्येक जीवात्मा ब्रह्म का अंश है और इसका ज्ञान जीवन में संतुलन और विवेक लाता है।

यह दर्शन कर्म, धर्म और मोक्ष की समझ विकसित करता है। आत्मा और शरीर के अंतर (inner balance through Vedanta) को जानकर व्यक्ति सांसारिक उलझनों में फंसने से बचता है। इसी ज्ञान से जीवन के निर्णय अधिक स्पष्ट और सही दिशा में लिए जा सकते हैं, जिससे मानसिक शांति और आत्मबल का विकास होता है।

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जीवन में वेदांत के अभ्यास के लाभ

वेदांत का अध्ययन और अभ्यास व्यक्ति को मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाता है। प्रतिदिन ध्यान, स्वाध्याय और शास्त्रार्थ के माध्यम से इसे आत्मसात किया जा सकता है। यह दृष्टिकोण व्यक्ति को जीवन की अस्थायी परेशानियों से ऊपर उठने में मदद करता है। साथ ही, यह कर्म और नैतिकता की समझ को बढ़ाता है।

शास्त्रों के अनुसार वेदांत को अपनाने से व्यक्ति में धैर्य, संतुलन और संयम की प्रवृत्ति विकसित होती है। जीवन में आए संकटों और चुनौतियों का सामना शांत और विवेकपूर्ण तरीके से करने की क्षमता भी बढ़ती है। इसके अतिरिक्त, यह दृष्टिकोण व्यक्ति को सामाजिक और पारिवारिक जीवन में अधिक सकारात्मक और सहयोगी बनाता है।

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(Picture Credit: Freepik) (AI Image)
वेदांत दर्शन का आधुनिक जीवन में महत्व

आज के बदलते और तनावपूर्ण जीवन में वेदांत दर्शन (Vedanta for psychological well-being) व्यक्ति को स्थिरता और मानसिक शांति प्रदान करता है। आधुनिक विज्ञान और मनोविज्ञान भी इस दर्शन के कई सिद्धांतों की पुष्टि करते हैं, जैसे ध्यान, आत्म-निरीक्षण और सकारात्मक सोच का महत्व। वेदांत जीवन में उद्देश्य, अनुशासन और अपनी वास्तविक की भावना विकसित करता है।

इसके अभ्यास से व्यक्ति न केवल अपने अंदर संतुलन और सामंजस्य महसूस करता है, बल्कि अपने परिवार और समाज में भी सकारात्मक प्रभाव डालता है। शास्त्रों में बताया गया है कि जीवन के अंतिम उद्देश्य की प्राप्ति और सच्ची शांति केवल आत्मा और ब्रह्म के ज्ञान से संभव है। यही कारण है कि वेदांत दर्शन आधुनिक समय में भी अति प्रासंगिक और उपयोगी माना जाता है।

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लेखक: दिव्या गौतम, Astropatri.com अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए hello@astropatri.com पर संपर्क करें।
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