उत्तराखंड में 20 जनवरी तक बायोमेट्रिक उपस्थिति नहीं तो वेतन को तरसेंगे शिक्षक, आदेश का पालन नहीं होने पर शासन का कड़ा रवैया
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/17/article/image/Teacher-1768623234124.webpतस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने बायोमेट्रिक उपस्थिति से कन्नी काटी तो जनवरी माह के साथ आने वाले महीनों के वेतन से हाथ धोना पड़ेगा। शासन ने 20 जनवरी तक बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं।
शासन ने एक जनवरी, 2026 से बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने का आदेश दिया था। इस संबंध में दो जनवरी, 2026 को जारी शासनादेश का क्रियान्वयन नहीं हुआ। इसे खेदजनक बताते हुए उच्च शिक्षा सचिव डा रंजीत कुमार सिन्हा ने उच्च शिक्षा निदेशक के साथ ही समस्त राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को शुक्रवार को आदेश जारी किए।
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आदेश में कहा गया कि बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले अधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। आदेशों का अनुपालन नहीं करने पर उनका जनवरी, 2026 और आगामी महीनों का वेतन आहरित नहीं करने
के निर्देश दिए गए हैं।
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