भारत में अमेरिकी दालों पर आयात शुल्क कम करने की उठी मांग, ट्रेड डील में कृषि क्षेत्र बन रही बड़ी बाधा!
India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत जारी है। इसी बीच अमेरिकी सीनेटरों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भारत द्वारा दालों पर लगाए गए 30% आयात शुल्क को हटवाने की अपील की है। यानी की भारत में आने वाली अमेरिकी दालों पर टैरिफ कम करने की मांग की गई है। नॉर्थ डकोटा और मोंटाना के सीनेटरों ने एक पत्र में कहा कि हाई टैरिफ के कारण अमेरिकी किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।D.C. - DELHI DRIFT IS DEEPER AND THE SOONER INDIA FACTORS THIS THE BETTER IT IS FOR US. Now, US Senators urging Trump to force India to scrap its 30% duty on yellow peas. Besides further complicating trade talks this exposes a deeper Delhi–Washington disconnect. The demand… pic.twitter.com/3gzizVOJI8 — Rahul Shivshankar (@RShivshankar) January 17, 2026
भारत दुनिया में दालों का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, लेकिन पीली मटर और अन्य फसलों पर भारी टैक्स के कारण अमेरिकी उत्पादक भारतीय बाजार में पिछड़ रहे हैं। सीनेटरों का मानना है कि पीएम मोदी के साथ व्यापारिक चर्चा में इस मुद्दे को सुलझाना दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा। हालांकि, भारत ने कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विदेशी आयात को लेकर कड़े तेवर अपनाए हुए है।
संबंधित खबरें
\“अब बंगाल में बीजेपी सरकार का समय आ गया है\“, मालदा में पीएम मोदी ने किया चुनावी शंखनाद अपडेटेड Jan 17, 2026 पर 3:27 PM
Vande Bharat: पीएम मोदी ने देश की पहली \“वंदे भारत\“ स्लीपर ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, बोले- \“बंगाल की प्रगति को गति देने का अभियान और तेज हुआ\“ अपडेटेड Jan 17, 2026 पर 3:11 PM
Republic Day 2026: दिल्ली समेत कई शहरों में खालिस्तानी और बांग्लादेशी आतंकियों का खतरा! 26 जनवरी से पहले बड़ा अलर्ट अपडेटेड Jan 17, 2026 पर 3:17 PM
अमेरिकी किसानों की चिंता और व्यापारिक चुनौतियां
नॉर्थ डकोटा और मोंटाना अमेरिका में दालों के सबसे बड़े उत्पादक राज्य है। भारतीय शुल्क के कारण उनका निर्यात घट गया है। सीनेटरों का दावा है कि ट्रंप और मोदी के बीच बेहतर संबंधों से अमेरिकी किसानों के लिए नए रास्ते खुल सकते है। वैसे भारत ने घरेलू किसानों के हितों की रक्षा के लिए कृषि क्षेत्र में आयात पर कड़े नियम लागू किए है। बता दें कि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक मुद्दों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
\“रेड लाइन\“ सेक्टर बना हुआ है कृषि
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों के प्रमुख पहलुओं को देखें तो दालों पर लगा आयात शुल्क एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। भारत द्वारा लगाई गई 30% ड्यूटी के कारण अमेरिकी मटर और दालों के निर्यात में भारी गिरावट आई है। हालांकि, दोनों देशों के बीच एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर सक्रिय बातचीत जारी है, जिससे भविष्य में जारी टैरिफ युद्ध के खत्म होने की उम्मीद जगी है। इन वार्ताओं के बावजूद कृषि क्षेत्र भारत के लिए एक \“रेड लाइन\“ सेक्टर बना हुआ है, जिसका सीधा अर्थ है कि घरेलू किसानों के हितों की रक्षा के लिए भारत ने इस क्षेत्र में कड़े रुख अपना रखे हैं, जिससे विदेशी कृषि उत्पादों का भारतीय बाजार में प्रवेश करना अब भी काफी कठिन बना हुआ है।
Pages:
[1]