सोनभद्र में 25 वर्ष बाद गरीब परिवार को बेघर करने के 11 दोषियों को दो-दो वर्ष की कैद
https://www.jagranimages.com/images/2026/01/17/article/image/court-1768650339028.webpअदालत ने दोष सिद्ध पाकर 11 दोषियों को दो-दो वर्ष के कैद की सजा सुनाई।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। करीब 25 वर्ष पूर्व जाड़े के महीने में एक गरीब व्यक्ति का घर गिरकर परिवार को बेघर करने के मामले में सीजेएम आलोक यादव की अदालत ने शनिवार को सुनवाई करते हुए दोष सिद्ध पाकर 11 दोषियों को दो-दो वर्ष के कैद की सजा सुनाई।
प्रत्येक पर साढ़े चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। तीन अभियुक्तों की दौरान विचारण मौत हो गई। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 25 हजार रुपये पीड़ित को मिलेगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक इजराइल अहमद निवासी परासी पांडेय, थाना राबर्ट्सगंज ने पांच जनवरी 2001 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि गांव के लंदन से आठ हजार रुपये देकर एक बिस्वा जमीन खरीद कर अपना कच्चा मकान बनवाकर उसमें परिवार बच्चों के साथ रह रहा था।
पांच जनवरी 2001 को शाम चार बजे उसके घर पर गांव के समई, प्रभु, हरी, सुरेश उर्फ गुड्डू, नरेश, मुन्ना, राजमनी, जियावन, गोपाल, कल्लू बेचू, रामसूरत उर्फ जगत्तर, वंशी व राममूरत चढ़ आए और परिवार व बच्चों को गाली देते हुए जान से मारने की धमकी देकर सामान घर से बाहर निकाल कर रख दिया और घर को गिरा दिया। जब वह मजदूरी करके शाम को घर पहुंचा तो इसकी जानकारी हुई।
इस तहरीर पर पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में विवेचक ने चार्जशीट दाखिल किया था। दौरान विचारण तीन अभियुक्तों राजमनी, बेचू व बंशी की मौत हो गई। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी सतीश वर्मा ने बहस की।
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